भिवानी। कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग सैंपलिंग पर जोर दे रहा है। इसके लिए विभाग ने नागरिक अस्पताल सहित प्रत्येक सीएचसी, पीएचसी सहित डोर टू डोर सैंपलिंग की व्यवस्था की हुई है। बावजूद इसके लोग कोरोना जांच करवाने से कतरा रहे हैं। इसके कारण सैंपलिंग में लगातार ही गिरावट आ रही है।
सिविल सर्जन ने सैंपलिंग विभाग की टीम को कोरोना जांच के रोजाना 1000 से अधिक सैंपल लेने के आदेश दिए है, मगर विभाग की टीम औसत 350 सैंपल ही ले पा रही है। पिछले 10 दिनों में टीम को 10 हजार सैंपल लेने थे, लेकिन उन्होंने 3645 सैंपल लिए है, जोकि करीब 36 फीसदी हैं। सैंपलिंग कम होने की वजह से संक्रमण फैलने की रफ्तार का पता नहीं चल पा रहा है।
ओपीडी में भी जांच की अनिवार्यता हटी
कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पहले ओपीडी, आपातकालीन विभाग में आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों के लिए कोविड जांच अनिवार्य की हुई थी। ऐसे में जांच के सैंपल 1000 से पार हो जाते थे। लेकिन इन दिनों ओपीडी और आपातकालीन विभाग में कोरोना जांच बंद है। ओपीडी में सिर्फ उन्हीं मरीजों की जांच होती है जिन्हें ऑपरेशन करवाना है या फिर चिकित्सक ने लिख कर दिया है। वहीं आपातकालीन विभाग में भी गंभीर लक्षण वाले मरीजों की जांच करवाई जा रही है। इनकी वजह से भी सैंपलिंग में गिरावट आई है।
10 दिनों के कोरोना संक्रमित व सैंपलों की जानकारी
दिनांक संक्रमित सैंपल
3 जुलाई 1 110
2 जुलाई 1 350
1 जुलाई 5 380
30 जून 1 380
29 जून 1 450
28 जून 1 450
27 जून 4 450
26 जून 3 105
25 जून 4 450
24 जून 5 520
वर्जन::
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता और सावधानी आवश्यक है। इसके साथ ही कोरोना के लक्षण होने पर जांच अवश्य करवा लें, ताकि अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो समय पर उपचार हो सके। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच की व्यवस्था की हुई है। ऐसे में जिसको भी जांच करवानी है वे अपने नजदीक केंद्र में जाकर जांच करवा सकते हैं।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।