भिवानी। गर्मी के कहर में जलसंकट शहरवासियों की मुसीबत बढ़ा रहा है। पुराने जलघर के नए वाटर टैंक में सिर्फ पांच फुट पानी ही भरा गया है। इससे पुराने शहर को नियमित पेयजल आपूर्ति में परेशानी आएगी। शहर में प्रतिदिन 52 एमएलडी पानी सप्लाई किया जा रहा है, जबकि मांग 75 एमएलडी की है।
शहर की आबादी बढ़ने के साथ जल संचय संसाधन भी बढ़ाए गए, मगर समय पर चालू नहीं होने से इनका लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। कई बाहरी कॉलोनियों में तो एक पखवाड़े से गंभीर जल संकट बना है। वहीं कई जगहों पर पानी के टैंकरों पर पेयजल व्यवस्था आ टिकी है।
हनुमान गेट बर्फ फैक्टरी कुम्हारों का मोहल्ला क्षेत्र में कई दिनों से गंभीर जल संकट बना हुआ है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि सप्लाई में भी गंदा पानी आ रहा है। इसकी वजह से गर्मी के मौसम में जल जनित बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी बना है। वहीं, दादरी रोड की कई कॉलोनियों में टेल तक घरों में पानी ही नहीं पहुंच रहा है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि मुख्य गली में पेयजल लाइन है, लेकिन इससे निकलने वाली अन्य गलियों में पानी की कोई लाइन नहीं डाली गई है। इसकी वजह से करीब आधा किलोमीटर तक पाइप डालकर पेयजल लाइन घरों तक लाई गई है, जिसमें पानी की बूंद नहीं आ रही है।
दस दिन से नहीं आया नलों में पानी
दादरी रोड की सूर्या नगर कॉलोनी निवासी जोरावर अली, मोहम्मद अली, शिकंदर, आनंद, बंटी अली, आमिर खान, संजय, रौनक, अफसाना, रुकसाना, ने बताया कि दस दिनों से कॉलोनी के कई घरों में पानी नहीं आ रहा है। पानी कभी कभार आता है तो गंदा आता है, जिसे पीना तो दूर किसी कार्य में इस्तेमाल लायक भी नहीं होता। कई बार शिकायतें दी, मगर कोई समाधान नहीं हुआ है।
क्या कहते हैं क्षेत्रवासी
हमारे क्षेत्र में सीवर की नई लाइन डाली गई है, मगर पेयजल समस्या का अभी कोई समाधान नहीं हुआ है। कुम्हारों के मोहल्ले में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। इसकी कई बार शिकायतें दी गईं, मगर आज तक कोई समाधान नहीं हुआ।
-पूनम, कुम्हारों का मोहल्ला निवासी।
हर बार गर्मी में गंभीर जल संकट गहरा जाता है। पानी के महंगे टैंकर से पानी खरीदकर पी रहे हैं। सप्लाई में आने वाला पानी भी गंदा है। अधिकारी शिकायतों के बावजूद कोई सुध नहीं ले रहे हैं। गर्मी में हलक सूखता है तो दूर से पानी लाने में भी पसीना आ रहा है। हमारी किसी को परवाह नहीं है। हम अपने ही हाल पर हैं।
-रवीना, कुम्हारों का मोहल्ला वासी।
गर्मी में पानी कब आता है और कब चला जाता है, किसी को पता नहीं चलता। पानी के इंतजार में रात-रात भर जागते हैं। मगर फिर भी सप्लाई कभी दस मिनट तो कभी 15 मिनट आने के बाद बंद हो जाती है। ज्यादा देर नल चलाया तो फिर गंदा पानी आने लगता है। हमारी समस्या का जल्द समाधान कराया जाए।
-रीना, दादरी रोड वासी।
टेल तक लगने वाले घरों में पानी का संकट बना है। पानी को लेकर काफी मारामारी चल रही है। हमारी मांग है कि जल्द हमारी समस्या का समाधान कराया जाए। गर्मी में पीने का पानी तो हमारा मौलिक अधिकार है। इसके लिए भी हमें अधिकारियों की चौखट पर गुहार लगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
-मुकेश कुमार, हनुमान गेट क्षेत्रवासी।
पानी कम मिला
पुराने जलघर में बने नए टैंक में सिर्फ पांच फुट पानी ही भरा गया है। काफी कम नहरी पानी मिला है। अगर जलघर के टैंकों को अतिरिक्त पानी नहीं मिलता है तो गर्मी में पेयजल सप्लाई सुचारु रखने में काफी दिक्कतें आएंगी। रोजाना 52 एमएलडी पानी आपूर्ति में दिया जा रहा है।
-प्रवीण जांगड़ा, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा
पब्लिक हेल्थ विभाग भिवानी।
वार्ड नंबर 25 कुम्हारों के मोहल्ले में हो रही दूषित पेयजल की सप्लाई दिखातीं महिलाएं। संवाद- फोटो : Bhiwani