भिवानी। अब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की फरवरी-मार्च 2024 की परीक्षा में अधिकारियों का विशेष उड़नदस्ता नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्थायी तौर पर दो ऑब्जर्वर परीक्षा में निगरानी रखेंगे। इसमें एक ऑब्जर्वर प्राइवेट स्कूल और एक ऑब्जर्वर सरकारी स्कूल से होगा। इसके अलावा हर जिले में प्रश्नपत्र उड़नदस्ता टीम ही केंद्रों पर प्रश्नपत्र मुहैया कराने के साथ केंद्रों का निरीक्षण कर नकल पर नकेल कसेगी।
अब प्राइवेट स्कूलों में उसी स्कूल का प्राचार्य परीक्षा ऑब्जर्वर बनेगा। वहीं निजी स्कूल का स्टाफ भी परीक्षा ड्यूटी देगा। परीक्षा में ऑब्जर्वर ही बोर्ड मुख्यालय को अपडेट देगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर कंट्रोल रूम में सूचना देगा। इसके बाद प्रश्नपत्र उड़नदस्ता तुरंत केंद्र में पहुंच कार्रवाई करेगा।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में इस बार जिला वार गठित होने वाले बोर्ड चेयरमैन, बोर्ड सचिव और बोर्ड संयुक्त सचिव जैसे उड़नदस्तों की भूमिका खत्म कर दी है। इसकी जगह प्रत्येक परीक्षा केंद्र में एक प्राइवेट और एक सरकारी स्कूल से दो ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं। ये ऑब्जर्वर ही पूरी परीक्षा में निगरानी रखेंगे और बोर्ड मुख्यालय पर बने कंट्रोल रूम में अपडेट करेंगे।
प्राइवेट स्कूल का ऑब्जर्वर प्राचार्य स्तर का होगा जबकि सरकारी स्कूल का ऑब्जर्वर प्राचार्य या फिर लेक्चरर होगा। दसवीं और बारहवीं की करीब साढ़े छह लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षा देंगे। 27 फरवरी से आरंभ होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए बोर्ड ने करीब 1650 परीक्षा केंद्रों का गठन भी किया है। इसमें सरकारी और निजी विद्यालय दोनों ही परीक्षा केंद्र बने हैं। दोनों ही तरह के परीक्षा केंद्रों पर सरकारी और प्राइवेट स्कूल के दो ऑब्जर्वर स्थायी तौर पर नियुक्त किए हैं, जो परीक्षा में कड़ी निगरानी रख व्यवस्थाओं का जिम्मा संभालेंगे।
प्रश्नपत्र उड़नदस्तों को मिली नई जिम्मेदारी
बोर्ड ने स्पेशल उड़नदस्तों को खत्म करने के साथ प्रश्नपत्र उड़नदस्ते को नई जिम्मेदारी सौंपी है। प्रश्नपत्र उड़नदस्ता जिला स्तर पर बनाए नोडल सेंटर से जिले के सभी परीक्षा केंद्रों को प्रश्नपत्र मुहैया कराने के बाद परीक्षा के दौरान लगातार सेंटरों का निरीक्षण करेगा और बाहरी हस्तक्षेप रोकेगा। वहीं नकल के मामले भी दर्ज कर यूएमसी बनाएगा। परीक्षा समाप्ति के बाद केंद्रों से प्रश्नपत्र भी नोडल केंद्र तक पहुंचाएगा। प्रश्नपत्र किसी केंद्र पर गड़बड़ी होने की सूरत में तुरंत पुलिस मदद ले सकेगा। इसके अलावा स्थानीय अधिकारियों के अब उड़नदस्ते नहीं बनेंगे।
बोर्ड ने विशेष उड़नदस्तों को खत्म कर दिया है। इसकी जगह प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक सरकारी और एक प्राइवेट स्कूल का ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। ये परीक्षाओं में निगरानी रखेंगे और जरूरी व्यवस्थाएं भी बनाएंगे। प्रत्येक सरकारी और प्राइवेट स्कूल में बने परीक्षा केंद्र के अंदर दो ऑर्ब्जवर स्थायी तौर पर नियुक्त किए हैं। परीक्षा से एक सप्ताह पहले ही विद्यार्थियों के रोल नंबर लाइव किए जाएंगे। प्रश्नपत्र उड़नदस्ता हर जिले में सक्रिय रहेगा और केंद्रों का निरीक्षण भी करेगा। - डॉ. वीपी, यादव अध्यक्ष हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी।