भिवानी। अब वन्य संरक्षित इलाकों में शिकारियों के साथ-साथ शिकारी कुत्तों द्वारा घायल किए गए वन्य जीवों को तत्काल उपचार मिलेगा। इसके लिए वन्य जीव प्राणी विभाग हिसार के वन मंडल अधिकारी ने छह जिलाें के पशुपालन विभाग के एचओडी को पत्र लिखा है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र के सभी पशु अस्पतालों में घायल वन्य जीवों के उपचार के लिए एक तकनीकी कर्मचारी की नियुक्ति का अनुरोध किया है।
प्रदेश में कई जगह खुले वन्य संरक्षित इलाकों में दुर्लभ प्रजाति के जीवों को शिकारियों या फिर कुत्तों द्वारा गंभीर रूप से घायल कर दिया जाता है। उपचार के अभाव में उनकी मौत हो जाती है। वन्य जीवों की गंभीर हालत में मौत होने से बचाने के लिए ही पशु अस्पतालों में तत्काल उपचार की व्यवस्था कराने के लिए कदम उठाया है।
वन्य जीव प्राणी विभाग हिसार मंडल के वन मंडल अधिकारी की ओर से भिवानी, चरखी दादरी, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिलों में पशु पालन विभाग के एचओडी को पत्र लिखा गया है। इसमें पशुपालन विभाग से अनुरोध किया है कि ग्रामीण क्षेत्र के पशु अस्पतालों में रात के समय तकनीकी कर्मचारियों की व्यवस्था कराई जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर वन्य जीव को वही प्राथमिक उपचार मिल सके। अक्सर प्रदेश में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें गंभीर घायल वन्य जीवों को उपचार देने के लिए बाहर से टीम बुलानी पड़ी, जिसमें समय ज्यादा लगने से वन्य जीवों की जान नहीं बच पाई।
भिवानी में भी गांव धनाना के खेतों में करीब दो माह पहले गीदड़ को दो शिकारियों ने पशुओं को डराने वाली बंदूक से गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस मामले में ग्रामीण संदीप घनघस की सतर्कता की वजह से अवैध शिकारियों पर केस दर्ज हुआ। वहीं चिड़ियाघर प्रशासन ने पशु चिकित्सक की मदद से उसे प्राथमिक उपचार दिलाकर दो सप्ताह की मॉनिटरिंग कराकर ठीक करा दिया। संवाद
वन्य आरक्षित इलाकों में बढ़ रहा है अवैध शिकार
भिवानी के कैरू में चिंकारा प्रजनन केंद्र सहित फतेहाबाद, हिसार व सिरसा में खुला वन संरक्षित क्षेत्र हैं, जहां पर अनेक दुर्लभ प्रजापति के वन्य जीव रहते हैं, हालांकि इनका अवैध शिकार जारी है। इसकी वजह से लगातार इनकी संख्या भी घट रही है। इसे रोकने के लिए वन्य प्राणी विभाग भी कारगर कदम उठा रहा है। वहीं घायल वन्य जीवों को समय पर उपचार दिलाने की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है।
मैंने 19 अक्तूबर को कार्यभार संभाला है। सबसे पहले मैंने 26 अक्तूबर को छह जिलों में पशुपालन विभाग के एचओडी को पत्र लिखकर ग्रामीण पशु अस्पतालों में घायल वन्य जीवों के लिए एक तकनीकी कर्मचारी की व्यवस्था कराए जाने संबंधी अनुरोध किया है। वन्य जीवों का अवैध शिकार व लावारिस कुत्तों द्वारा उन्हें गंभीर घायल किए जाने के मामलों में वन्य जीव की तत्काल उपचार दिलाकर जान बचाई जा सके, इसके लिए यह कदम उठाया है।
-वीरेंद्र गोदारा, वन मंडल अधिकारी वन्य जीव प्राणी विभाग हिसार।