भिवानी। अब शहर में 39 हजार अवैध नलों पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नकेल कसेगा। इसके लिए अगले सप्ताह से ही पूरे शहर में सर्वेक्षण कराकर लीकेज कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें बंद करने का काम शुरू होगा। इतना ही नहीं पूरे शहर में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग करीब 36 हजार अधिकृत पेयजल कनेक्शन धारकों को अप्रैल माह में ही पानी का बिल भी थमाएगा, जिसमें पानी की बर्बादी नहीं करने की अपील भी होगी।
दरअसल, भिवानी जिले में 75 हजार से अधिक पेयजल कनेक्शन हैं, जिसमें से सिर्फ 36 हजार कनेक्शन ही अधिकृत हैं। चुनावी माहौल में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारी कनिष्ठ अभियंताओं के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में अवैध और लीकेज कनेक्शनों का सर्वेक्षण भी कराएगा। इसके बाद ही उन्हें काटने का काम शुरू होगा।
भिवानी जिले में शहर का दायरा लगातार बढ़ रहा है। करीब डेढ़ दशक पुरानी शहर की अनधिकृत कॉलोनियों में भी डी प्लान से पानी की लाइनें डाली जा चुकी हैं, ऐसे में इन लाइनों पर अब अवैध नलों की भरमार हो गई है। इतना ही नहीं शहर की कई कॉलोनियों के अंदर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पुरानी लाइनों को बिना डेमेज किए ही उन हिस्सों में दोबारा से नई लाइनें भी डाल दी हैं।
इसके बाद लोगों ने नई लाइनों से भी पानी के अवैध कनेक्शन ले रखे हैं, जबकि पुरानी लाइनों के कनेक्शन बिना डैमेज किए अपने हाल पर छोड़ दिए हैं, ज्यादातर ऐसे कनेक्शन अब शहर के अंदर गंदे पानी की आपूर्ति की मुख्य वजह बन चुके हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सर्वे कराकर शहर में ऐसे अवैध कनेक्शनों की पहचान करेगा जो लाइन लीकेज की वजह बन रहे हैं, उन्हें जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग बिना किसी नोटिस और सूचना के तत्काल बंद कर देगा।
मीटर वाले 360 और बिना मीटर 720 रुपये का करेंगे पानी का भुगतान
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने अप्रैल में शहरभर के करीब 36 हजार शहरी पेयजल उपभोक्ताओं को पानी का बिल भेजने की तैयारी कर ली है। गर्मी में भले ही लोग पेयजल किल्लत से घिरे हैं, मगर उन्हें अब पानी का बिल देखकर भी पसीना आएगा। क्योंकि विभाग छह माह का पानी का बिल भेजने की तैयारी कर रहा है। विभाग ने पानी के मीटर लगे कनेक्शनों पर 360 रुपये और बिना मीटर लगे कनेक्शनों पर 720 रुपये के हिसाब से बिल भेजेगा। अगर किसी उपभोक्ता ने पिछले बिलों का भुगतान नहीं किया है तो वे भी ब्याज सहित राशि जुड़कर फिर से बिल में आएगी। शहर भर में करीब ढाई करोड़ रुपयों की बिलिंग होगी। अगर बकाया पानी बिलों की बात करें तो ये अब करीब 35 करोड़ से भी अधिक की राशि हो चुकी है।
शहर में हैं 43 साल पुरानी पानी की लाइनें
शहर भर में करीब 43 साल पुरानी पेयजल लाइनें हैं, जो अब जर्जर हाल हो चुकी हैं। अधिकांश पाइप सीमेंट या फिर प्लास्टिक के भी हैं। इनकी जगह अब नए पाइप विभाग डाल रहा है। चुनावों के बाद शहर में पुरानी लाइनों को बदलने का भी खाका विभाग नए सिरे से तैयार करेगा। इसके तहत भिवानी शहर में करीब 11 किलोमीटर लंबी पानी की लाइनें डाली जाएंगी और करीब 10 किलोमीटर नई सीवर लाइन भी डलेंगी। इसका सर्वेक्षण भी थर्ड एजेंसी से कराया जाएगा। इसके बाद ही विभाग मसौदे को मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजेगा।
भिवानी शहर में अवैध कनेक्शन लीकेज की वजह बन रहे हैं। जिन्हें काटने के लिए अप्रैल में अगले सप्ताह से सर्वेक्षण कराकर इन्हें काटना शुरू किया जाएगा। सर्वेक्षण के दौरान लोगों से पानी बचाने की अपील भी की जाएगी। विभाग अनधिकृत कनेक्शनों को अधिकृत करने की दिशा में भी कदम उठाएगा। कोई भी व्यक्ति बिना विभाग की अनुमति के पानी का कनेक्शन न ले।
-सतीशचंद्र, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।