भिवानी। अब परिवारों की अचल संपत्ति का भी डाटा परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ा जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग एवं मानव सूचना एवं संसाधन विभाग का साझा सर्वेक्षण चलेगा। इसमें घर-घर पहुंचकर सर्वेक्षण टीम के कर्मचारी प्रत्येक परिवार की अचल संपत्ति का विवरण निर्धारित प्रपत्र में दर्ज करेंगे।
इतना ही नहीं गलत तथ्यों के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले परिवारों पर भी अब विभाग का शिकंजा कसेगा। उनकी योजनाओं पर भी अब कैंची चलेगी। परिवार पहचान पत्र में कई बड़े बदलाव किए जाने के बाद अब शहरी और ग्रामीण दायरे में रहने वाले परिवारों की अचल संपत्ति का विवरण भी परिवार पहचान पत्र में दर्ज होगा। जिसके लिए घर-घर जानकारी जुटाने के लिए जल्द ही सर्वेक्षण टीम भी पहुंचेंगी।
मानव सूचना एवं संसाधन विभाग की ओर से भिवानी जिले के सात लाख 32 हजार परिवारों को यूनिक आईडी नंबर यानी फैमिली आईडी नंबर जारी किया हुआ है। इसमें से सिर्फ दो लाख परिवारों की संपत्ति ही परिवार पहचान पत्र के साथ जुड़ी हैं, जिसमें अधिकांश कर्मचारी या फिर किसी तरह का व्यापार कर रहे हैं। लेकिन जिले में पांच लाख 32 हजार परिवार ऐसे हैं, जिनकी अचल संपत्ति अब परिवार पहचान पत्र के साथ सीधे तौर पर जोड़ी जाएगी।
अब तक विभाग इन परिवार के सदस्यों की सालाना आमदनी का ही आकलन कर पाई है। उसी आधार पर एक लाख 80 हजार या फिर एक लाख से नीचे सालाना आमदनी वाले परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। मगर अब आमदनी के गलत तथ्य देकर सरकारी योजनाओं का लाभ डकारने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा और विभाग ऐसे परिवारों की सूची भी तैयार करेगा, जिनसे लाभ वापस लिया है। मानव सूचना एवं संसाधन विभाग ने राजस्व विभाग में दर्ज संपत्ति को भी परिवार पहचान पत्रों के साथ जोड़ने की तैयारी कर ली है। जिसके लिए संयुक्त रूप से कर्मचारियों को भी सर्वेक्षण शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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अब परिवार पहचान पत्र में पटवारी और कानूनगो की टीमें भी निभाएंगी अहम भूमिका
विभाग की ओर से उठाए गए नए कदम के अनुसार परिवार पहचान पत्र में राजस्व रिकार्ड के अनुसार अचल संपत्ति का विवरण जोड़ने में पटवारी और कानूनगो भी अहम भूमिका निभाएंगे। पटवारियों और कानूनगो की टीमों को ही फील्ड सर्वे के लिए भेजा जाएगा। जिसके लिए उन्हें घर-घर जाकर कई बिंदुओं पर जानकारी जुटानी होगी। हालांकि अचल संपत्ति के संबंध में अभी और भी दिशा निर्देश दिए जाएंगे, जिसमें संपत्ति का फोटो फैमिली आईडी मालिक के साथ भी खिंचा जाएगा। इसी के साथ परिवार में नामजद सदस्यों के नाम कितनी अचल संपत्ति है इसका खाका भी अब तैयार होगा।
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भिवानी जिले में सात लाख 32 हजार परिवार पहचान पत्र बन चुके हैं। इसमें पांच लाख 32 हजार परिवार पहचान पत्रों के साथ परिवार की अचल संपत्ति को जोड़ा जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग के रिकार्ड में दर्ज संपत्ति का विवरण भी परिवार पहचान पत्र के रिकार्ड के साथ ऑनलाइन होगा। अब तक परिवार सदस्यों के बैंक खातों की डिटेल और उनकी सालाना आमदनी ही परिवार पहचान पत्र से जोड़ी गई हैं, मगर अब शहरी और ग्रामीण दायरे के सभी परिवारों की अचल संपत्ति राजस्व रिकार्ड अनुसार परिवार पहचान पत्र से जुड़ेगी। जिसके सर्वेक्षण का काम जल्द शुरू होगा।
-खुशवंत सिंह जिला समन्वयक मानव सूचना एवं संसाधन विभाग भिवानी।