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Bhiwani News: अब पंचायती राज तकनीकी विंग के अधिकारी रोजाना जांचेंगे विकास कार्यों की गुणवत्ता

Sat, 01 Nov 2025 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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मिट्टी खोदकर डाला गया पाइप।
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भिवानी। अब पंचायती राज तकनीकी विंग के अधिकारी रोजाना मौके पर पहुंचकर विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच करेंगे। विभाग ने कार्यकारी अभियंता से लेकर एसडीओ और जेई तक सभी अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय कर दी है। खास तौर पर कार्यकारी अभियंता को प्रतिदिन एक से दो साइटों का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजनी होगी।
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यह दिशा-निर्देश पंचायती राज विभाग मुख्यालय से जारी किए गए हैं। अब तक अधिकारी अधिकतर मौके पर निरीक्षण नहीं करते थे जिससे विकास कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होती थी। कई बार एजेंसियां औपचारिकता निभाकर काम पूरा मान लेती थीं। लेकिन अब रोजाना निरीक्षण और रिपोर्टिंग की अनिवार्यता से गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।
जिले के 312 गांवों में ग्राम पंचायतों के माध्यम से विकास कार्य जारी हैं। इनमें शिवधाम, चहारदीवारी, सामुदायिक केंद्र, जिमखाना, स्मारक, चौपाल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समेत कई निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अलावा 20 लाख रुपये तक के छोटे कार्य भी ग्राम पंचायत स्तर पर किए जा रहे हैं। अब इन सभी कार्यों की गुणवत्ता जांचने की जिम्मेदारी पंचायती राज तकनीकी विंग के अधिकारियों को सौंपी गई है।
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अधिकारियों को रोजाना दो से तीन साइटों का निरीक्षण करना होगा। कार्यकारी अभियंता को मुख्यालय को निरीक्षण रिपोर्ट भेजनी होगी। यदि किसी विकास कार्य में गुणवत्ता संबंधी खामी मिलती है तो उसकी कार्रवाई रिपोर्ट भी देनी होगी। अब विकास कार्यों से सैंपल लेने, निर्माण सामग्री की जांच करने और निर्धारित मानकों की पुष्टि करना भी अनिवार्य किया गया है।

समय पर पूरे नहीं होते विकास कार्य, अब बनेगा दबाव
जिले की अधिकांश विकास परियोजनाएं अब तक धीमी गति से चल रही थीं। कई काम समय पर पूरे नहीं हो पाते जिससे लोगों को परेशानी और सरकार को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ता है। अब अधिकारी रोजाना निरीक्षण करेंगे जिससे न केवल कार्य की गति बढ़ेगी बल्कि गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी। पहले निरीक्षण तो किए जाते थे लेकिन उनकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती थी। अब हर निरीक्षण की रिपोर्ट में यह दर्ज होगा कि कौन-सा कार्य जांचा गया उसमें क्या खामी मिली और अधिकारी ने क्या कदम उठाया। इससे जवाबदेही तय होने के साथ ही विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।


पंचायती राज विभाग मुख्यालय ने कार्यकारी अभियंता को रोजाना विकास परियोजनाओं के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रतिदिन एक से दो साइटों का निरीक्षण कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजनी होगी। पंचायती राज तकनीकी विंग द्वारा जिले में चल रहे सभी विकास कार्यों की गुणवत्ता पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों को सतर्कता और पारदर्शिता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। - संभव जैन, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विंग, भिवानी।
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