भिवानी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूकता और टीकाकरण के प्रति सतर्कता सिर्फ कागजों में रह गई है। नागरिक अस्पताल परिसर स्थित वार रूम में टीकाकरण अभियान तो शुरू कर दिया मगर यहां पर न तो कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन है और न ही कर्मचारियों के लिए कोई सुविधा। वार रूम में रजिस्ट्रेशन के लिए कर्मचारियों को लैपटॉप दिए थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लैपटॉप भी वापस ले लिए हैं।
कर्मचारियों को वैक्सीन का रजिस्ट्रेशन अपने मोबाइल से करना पड़ रहा है। इसके अलावा वार रूम के पिछले हिस्से में रजिस्ट्रेशन के लिए बैठे कर्मचारियों के पास न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही पंखा। उमस भरी गर्मी में वो बिना सुविधाओं के रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। इसके अलावा कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हो रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारी बिना पीपीई किट के ही सैंपलिंग का काम कर रहे हैं।
मौके पर रजिस्ट्रेशन बना मुसीबत
वैक्सीनेशन अभियान में तेजी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर ही रजिस्ट्रेशन कराकर वैक्सीन लगवाने की घोषणा तो कर दी, अब वह विभाग के लिए मुसीबत बन गई। वैक्सीनेशन सेंटर पर बगैर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और स्लॉट बुक कराए तय स्लॉट से चार गुना लोग पहुंच रहे हैं। इसकी वजह से नागरिक अस्पताल में मारामारी रहती है। वीरवार को वैक्सीनेशन सेंटर पर सैकड़ों लोग पहुंच गए, पैर रखने तक की जगह नहीं बनीं, आपस में ही धक्का-मुक्की के हालत बन गए।
लक्ष्य के 10 फीसदी लिए जा रहे सैंपल
स्वास्थ्य विभाग को पिछले दिनों उपायुक्त ने रोजाना के पांच हजार सैंपल का लक्ष्य दिया था मगर विभाग तय लक्ष्य का महज 10 से 12 फीसदी आंकड़ा ही छू पा रहा है। विभाग की ओर से सैंपलिंग के कैंप भी नहीं लगाए जा रहे हैं।
सीएमओ ऑफिस से 20 कदम दूर टूट रहे कोरोना के नियम
नागरिक अस्पताल के वार रूम और सिविल सर्जन के कार्यालय में महज 20 कदम की दूरी है। कार्यालय में सिविल सर्जन सहित, डिप्टी सिविल सर्जन और नोडल ऑफिसर भी बैठते हैं। वो रोजाना इस भीड़ को अनदेखा कर अपने कार्यालय की ओर बढ़ जाते हैं। एक बार भी इस भीड़ को जागरूक करने की किसी ने कोशिश नहीं की। ऐसे में अस्पताल परिसर ही कोरोना संक्रमण का केंद्र बनाता जा रहा है। दूसरों को सामुदायिक दूरी का पाठ पढ़ने वाला स्वास्थ्य विभाग खुद नियमों का पालन नहीं कर रहा है।
भीड़ होने से बार-बार बंद करना पड़ा गेट
वार रूम में क्षमता से अधिक लोगों के आ जाने से दिक्कत आ रही है। लोगों को रोकने के लिए बार-बार गेट बंद करना पड़ रहा था, जिससे नोकझोंक की स्थिति बनने लगी। सुरक्षाकर्मियों को बार-बार वार रूम के गेट बंद करने पड़ रहे थे। गेट खुलते ही एक साथ कई लोगों के आने से व्यवस्था बिगड़ रही थी।
बिना वैक्सीन लगवाए लौट रहे लोग
वार रूम में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए अलग से खिड़की की व्यवस्था की हुई है। इस खिड़की पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाने आने वालों की भी भीड़ लग गई। अधिकतर मौके पर ही रजिस्ट्रेशन करवाने वाले थे तो कुछ अपना स्लॉट चेकअप करवाने के लिए लाइन में लगे थे। स्लॉट बुक न होने के कारण लोगों को बिना टीकाकरण करवाए ही वापस लौटना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिर्फ कोवैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा रही है। ऐसे में विभाग की लापरवाही का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
कोरोना से बचाव के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है। इसके लिए प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है। अगर नागरिक अस्पताल में नियम तोड़े जा रहे हैं तो यह घोर लापरवाही है। इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- जयबीर सिंह आर्य, उपायुक्त भिवानी