भिवानी। नगर परिषद में सामने आए जमीन और फर्जी रसीद घोटाले में आरोपी निवर्तमान उपप्रधान मामनचंद ने स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। वह पिछले करीब एक माह से फरार चल रहा था। एसआईटी ने आरोपी मामनचंद को अदालत से चार दिन के रिमांड पर ले लिया है। रिमांड के दौरान एसआईटी उससे जमीन और रसीद घोटाले में पूछताछ करेगी।
रसीद और जमीन घोटाले में निवर्तमान उपप्रधान मामनचंद का नाम सामने आने से खलबली मच गई थी। घोटालों में नाम आने पर मामनचंद ने अपने समर्थकों के साथ शहर में प्रदर्शन भी किया था। उसने बताया कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। इसके बाद अचानक मामनचंद फरार हो गया। पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह की ओर से गठित एसआईटी मामनचंद की गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश तक गई।
सोमवार को मामन चंद ने स्वयं ही कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जहां से पुलिस ने उसे दो केसों में गिरफ्तार किया और कोर्ट से चार दिन के रिमांड पर लिया। जांच इकाई के द्वारा आरोपी मामनचंद को 26 अप्रैल को दर्ज पुलिस केस 251, 15 अप्रैल को दर्ज केस 224 केस में पेश करके चार दिन के रिमांड पर लिया है।
मां बोली, बेटा निर्दोष, सभी को दूंगी जवाब, छलका दर्द
मामनचंद की माता उमा देवी ने कहा कि आज मेरे बेटे ने स्वयं समर्पण किया है। पहले मेरे बेटे ने प्रदर्शन कर बताया था कि वह निर्दोष है। बाद में पता चला कि अंदर कोरे कागजों पर साइन करवाए जा रहे हैं, बिना वजह टॉर्चर कर रहे हैं। इससे परेशान होकर वह चला गया। वह कानूनी कार्रवाई में लगा था। वह सुशील वर्मा और राजेंद्र तंवर को स्पष्ट बताना चाहती हूं कि हमने आज तक कोई गलत काम नहीं किया। मामनचंद ने अपने घर के काम छोड़ समाजसेवा की है, जिस कारण उसकी पहचान है। अब राजनीतिक षड्यंत्र के तहत उस पर कार्रवाई हुई है।
वर्जन:
मामनचंद ने समर्पण किया है, जिसके बाद उसे धोखाधड़ी के दो केसों में गिरफ्तार कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान उससे पूछताछ की जाएगी। जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक