भिवानी। शहर की बाहरी कॉलोनियों में 14500 लोग रह रहे हैं। इनमें करीब दो हजार से कम लोग अनुसूचित जाति से हैं। यह नगर परिषद के सर्वे में सामने आया है। शहर की बाहरी कॉलोनियों में ज्यादा संख्या में आबादी न बढ़ने के कारण अब नई वार्डबंदी की संभावनाएं भी कम ही है। हालांकि नगर परिषद ने सर्वे रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है और अब मुख्यालय के अधिकारी ही निर्णय लेंगे कि शहर की कुछ कॉलोनियां वैध होने के बाद अब वार्डबंदी होगी या नहीं। वहीं इतना जरूर तय है कि पिछले चुनाव में शहर की बाहरी कॉलोनियों के काफी लोग वोट कटने के कारण मतदान नहीं कर पाए थे, उन्हें इस बार मौका मिलेगा।
नप पार्षदों के कार्यकाल का अब एक साल ही शेष बचा है और कभी भी पंचायती चुनाव संबंधित घोषणा भी हो सकती है। ऐसे में सरकार ने नगर परिषद चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। जिसमें वार्डबंदी सबसे अहम है। नियमानुसार चुनाव से करीब छह माह पूर्व ही वार्डबंदी हो जाती है। वार्डबंदी शहर में 10 साल में एक बार करवाई जाती है। यदि इसी बीच शहर की अवैध कॉलोनियों को वैध किया जाता है तो दोबारा से वार्डबंदी करवाई जाती है मगर यह सब वैध हुई कॉलोनियों की जनसंख्या पर निर्भर करता है।
जनसंख्या जांचने के लिए शहरी निकाय निदेशालय पर नगर परिषद ने शहर की बाहरी कॉलोनियों का सर्वे करवाया। जिसमें सामने आया कि करीब 14500 की आबादी बढ़ी है। कहीं कॉलोनी में पांच सौ की जनसंख्या बढ़ी है तो कहीं दो हजार। सर्वे की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है।
वार्डबंदी पर संशय, संभावनाएं कम
शहरी की बाहरी कॉलोनियों में साढ़े 14 हजार की आबादी बढ़ी है। यदि 40-50 हजार की आबादी बढ़ती तो वार्डबंदी होती है मगर उतनी संख्या में आबादी नहीं बढ़ी है। ऐसे में वार्डबंदी की संभावनाएं कम है। हालांकि नप ने अपनी रिपोर्ट भेज दी है और अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। जिस कारण वार्डबंदी को लेकर संशय बना हुआ है।
पिछले चुनाव में मतदान से वंचित रह गए थे काफी मतदाता
पिछले चुनाव में शहर के बाहर आबाद हुई कॉलोनियों के काफी लोग शहरी क्षेत्र के दायरे में न होने के कारण वंचित रह गए थे। ये मतदाता न शहर का हिस्सा थे और न ही गांवों के। इस पर सवाल भी उठे थे। मगर अब ये मतदाता भी मतदान कर पाएंगे।
ये कॉलोनियां हुई थी वैध
शहर के लक्ष्मीनगर, रोहतक रोड पर डिफेंस कॉलोनी क्षेत्र का हिस्सा, उत्तमनगर, देवनगर सिटी स्टेशन क्षेत्र, विद्यानगर का बढ़ा हुआ क्षेत्र वैध हुआ था।
पार्षद और उम्मीदवार साध रहे संपर्क
वर्तमान पार्षदों का भले ही अभी एक साल का कार्यकाल बाकी है। बावजूद इसके वार्डों में चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले निवर्तमान पार्षदों व उम्मीदवारों ने संपर्क साधना शुरू कर दिया है। सुबह-शाम लोगों से मिलकर हालचाल जान रहे है। वहीं वार्डबंदी को लेकर असमंजस की स्थिति भी उनमें है।
क्या है वार्डबंदी
वार्डबंदी शहर के वार्डों का दायरा है। इसमें तय होता है कि कौन से वार्ड में कौन-कौन सी कॉलोनियां, गलियां शामिल होंगी। भिवानी की जनसंख्या फिलहाल करीब ढाई लाख है। जिसके मतदाताओं को समान 31 वार्डों में बांटा जाएगा। वार्डबंदी के अनुसार वार्डों में मतों की संख्या 10 प्रतिशत तक कम-ज्यादा हो सकती है।
वर्जन:::
शहर की बाहरी वैध कॉलोनियों का सर्वे करवाया गया है। करीब 14500 की आबादी बढ़ी है। रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। अब मुख्यालय से ही फैसला किया जाएगा कि वार्डबंदी होगी या नहीं।
- संजय कुमार, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद