पानी की मांग को लेकर नारेबाजी करते किसान व अन्य।
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बवानीखेड़ा। सुंदर नहर में कम पानी से बवानीखेड़ा खंड के ज्यादातर जलघरों में पीने का नहरी पानी 15 दिन बाद खत्म हो जाएगा। जिसके चलते कई गांवों में ट्यूबवेल का कड़वा व खराब पानी पीना पड़ रहा है। कम पानी आने से आम जनता ही नहीं किसान भी परेशान है। पानी की मांग को लेकर चौथे दिन भी सुंदर नहर जल संघर्ष प्रचार करती नजर आई। चौथे दिन की शुरुआत करते जल संघर्ष समिति के सदस्यों ने गांव खेडी दौलतपुर, सिवाना, कुंगड़, भैणी जाटान, भैणी ठाकरान, अलखपुरा में जनसभा कर किसानों, आमजन से सहयोग मांगा।
सुंदर नहर जल संघर्ष समिति के प्रधान जगदीश, उपप्रधान धर्मबीर फौजी, राजेश कुंगड़, शेर सिंह रतेरा, अनिल नेहरा, दलबीर सिहाग आदि बताया कि पिछले कुछ महीनों से उनकी सुंदर नहर सहित माइनरों में हक का पूरा पानी नहीं मिल रहा है। बलियाली, जमालपुर, रोहनात, रतेरा जैसे बड़े गांवों में तो ट्यूबवेल का कड़वा पानी पीना पड़ रहा है।
जलसंघर्ष समिति के प्रधान जगदीश, उपप्रधान धर्मबीर फौजी, शेरसिंह रतेरा ने बताया कि आज पानी की जायज मांग को लेकर चौथे दिन तक 25 गांवों को दौरा कर चुके हैं। जहां हर गांव में पीने के पानी की किल्लत है। प्रत्येक गांव में पूरा सहयोग मिल रहा है। 22 फरवरी को 200 ट्रैक्टरों पर चार हजार किसानों के साथ ज्ञापन सौंपा जाएगा। अगर उन्हें हक का पूरा पानी नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा।