काठमंडी में मंगलवार दोपहर नप के सामान जब्त करो अभियान चलाने से करीब दो घंटे तक खूब हंगामा हुआ। इस दौरान नगर परिषद अधिकारियों व व्यापारियों में बहस हुई। नप कर्मचारियों ने अस्थाई फड़ों के नीचे अवैध रूप से रखे सामान को जब्त करने की कवायद शुरू की तो काठमंडी के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर ली। इस दौरान व्यापारियों ने नप के कुछ कर्मचारियों पर मंथली लेने के आरोप लगाए व पुलिस कर्मचारियों पर भी बदसलूकी का आरोप लगाते हुए उनसे उलझते नजर आए। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों की शांति वार्ता से भी हल नहीं निकला। इसके बाद एकजुट होकर व्यापारी नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और खुद ही सामान उठाने के लिए रविवार तक की मोहलत मांगी। इस पर विचार-विमर्श के बाद नप अधिकारियों ने भी हामीं भर दी।
ज्ञात रहे कि पिछले चार दशक से अतिक्रमण का गढ़ बनी काठमंडी से अतिक्रमण हटाना प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रशासनिक टीम जब भी शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू करती है तो काठमंडी का तर्क देकर दुकानदार अभियान को फ्लॉप करवा देते हैं। इस बार नगर परिषद ने नए सिरे से अभियान की शुरुआत काठमंडी से ही शुरू की है। लगभ बीस दिन पहले नप टीम ने काठमंडी पहुंचकर दुकानों के बाहर रखा सामान जब्त किया था इसके तुरंत बाद व्यापारी विरोध में उतर आए। बाद में नप के साथ काठमंडी एसोसिएशन की बैठक हुई थी जिसमें सड़क की पैमाइश करवाने सहित मिट्टी हटवाने के साथ-साथ चबूतरे तोड़ने पर सहमति बनी थी। इसी दौरान अस्थाई फड़ों के नीचे रखा सामान उठाने के लिए व्यापारियों ने पिछले सप्ताह ही प्रशासन से एक सप्ताह का समय मांगा था। यह मियाद सोमवार को खत्म होने के बाद मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे नगर परिषद टीम काठमंडी पहुंची। नप टीम ने दुकानों के बाहर बनी अस्थाई फड़ों में रखा सामान उठाना शुरू किया व्यापारी बिफर गए और एकजुट होकर सड़क पर उतर आए और अभियान को रुकवाने का प्रयास किया। इस दौरान काठमंडी एसोसिएशन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। जब तक दोनों पक्षों में बातचीत शुरू होती, उससे पहले ही लगभग सभी व्यापारियों ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारिया व भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशन शर्मा भी मौके पर पहुंचे।
आधे घंटे चली बैठक में नहीं बनी बात
काठमंडी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बीच का रास्ता निकालने के लिए नगर परिषद के अधिकारियों के साथ प्रधान राजकुमार की दुकान पर बैठक की। करीब आधा घंटे तक चली बैठक में शुरुआत से लेकर अंत तक गहमागहमी बनी रही। नगर परिषद चेयरमैन व नगर व्यापार मंडल के प्रधान संजय छपारिया से व्यापारियों ने अभियान को रुकवाने की मांग की जिसे उन्होंने इनकार कर दिया। इसके बाद तो वहां मौजूद व्यापारियों का पारा एकदम हाई हो गया और नगर परिषद टीम उठकर बाहर आ गई।
पानी मांगने पर पुलिस कर्मचारी से उलझे
व्यापारियों ने बैठक में पहुंचे एक नगर परिषद अधिकारी पर मंथली लेने के आरोप लगाए। सूत्रों के अनुसार कुछ ऐसे शब्द भी बैठक में प्रयोग किए गए जिन्हें सुनने के बाद उक्त कर्मचारी झुंझलाहट के साथ बाहर आ गए। इतना ही नहीं, जब एक पुलिस कर्मचारी ने दुकानदार से पीने का पानी मांगा तो इस पर भी विवाद खड़ा हो गया। करीब दस मिनट तक चले इस ड्रामे के दौरान व्यापारी ने पुलिस कर्मचारी पर बदसलूकी के आरोप लगाए।
सोमवार को बड़े पैमाने पर चलेगा सामान जब्त करो अभियान
काठमंडी में वार्ता सिरे नहीं चढ़ने के बाद व्यापारी एकजुट होकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। करीब आधा घंटा यहां भी बातचीत का दौर चला। इस दौरान व्यापारियों ने खुद ही सामान उठाने के लिए कुछ दिन की मोहलत मांगी। इस पर मंत्रणा करने के बाद अगले रविवार तक का समय ही देने पर सहमति बनी। नप के चेयरमैन संजय छपारिया व एमई बस्तीराम आदि बैठक में स्पष्ट किया कि अगर रविवार तक सामान नहीं हटाया गया तो सोमवार को नप बड़े पैमाने पर अभियान चलाएगी।
काठमंडी व्यापारियों ने हमसे कुछ दिन की मोहलत मांगी है। उनका तर्क है कि इस दौरान वो खुद ही अपना सामान उठा लेंगे। नगर परिषद ने उन्हें रविवार तक का समय दिया है।
संजय छपारिया, चेयरमैन नगर परिषद
रविवार तक की मोहलत पर हमारी आपसी सहमति बनी है। सामान जब्त करो अभियान हमने चलाया तो विरोध जरूर हुआ था। अगले सोमवार को अगर जगह खाली नहीं मिली तो फिर से हम अभियान चलाएंगें।
बस्तीराम, एमई नगर परिषद
अब नप नाजायज कर रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशन शर्मा ने भी आज मामले में मध्यस्थता की है। रविवार तक का हमने समय मांगा है। इस संबंध में डीसी से व्यापारी मिलेंगे और मौका मुआयना करने की मांग भी करेंगे। नप ने कई ट्राली व्यापारियों का सामान जब्त कर लिया है, जोकि गलत है।
राजकुमार, प्रधान काठमंडी एसोसिएशन