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Haryana: गो तस्करों और गो सेवकों के बीच भिवानी में हो चुकी हैं 2017 से छह से अधिक भिड़ंत, पढ़ें ये रिपोर्ट

Wed, 15 Nov 2023 08:47 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)

सार

भिवानी में कहीं पर भी कोई गोकशी या फिर गो तस्करी की सूचना सबसे पहले गो सेवकों के पास आती है। ऐसे में गो सेवकों की सूचना पर पुलिस भी सक्रिय हो जाती है और तुरंत उन पर छापामारी भी की जाती है।
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पुलिस द्वारा बरामद गायें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गो तस्करों और गो सेवकों के बीच भिवानी में 2017 से अब तक करीब छह से अधिक भिड़ंत हो चुकी हैं। ऐसे मामलों में गो तस्करों की ओर से पत्थरबाजी और फायरिंग तक की गई है। यहां तक की पुलिस पर भी गाड़ी चढ़ाने और गो सेवकों की गाड़ियों को तोड़कर भागने में भी गो तस्कर कामयाब रहे हैं। कई मामलों में गो सेवकों ने गो तस्करों को पकड़वाया भी है और गोवंश को भी मुक्त कराया है।

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भिवानी में राजस्थान के जुनैद और नासीर हत्याकांड के बाद भिवानी में गो तस्करी करीब थम सी गई थी, लेकिन मंगलवार को गो तस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ इस हत्याकांड के बाद पहला मामला सामने आया है। भिवानी में गो रक्षा दल का नेटवर्क काफी मजबूत माना जाता है। जिले में कहीं पर भी कोई गोकशी या फिर गो तस्करी की सूचना सबसे पहले गो सेवकों के पास आती है। ऐसे में गो सेवकों की सूचना पर पुलिस भी सक्रिय हो जाती है और तुरंत उन पर छापामारी भी की जाती है। मगर गो तस्करों से भिड़ंत करना आसान नहीं है।

अक्तूबर 2017 में गो तस्करों ने की थी गो सेवकों पर फायरिंग
हांसी रोड पर जिला जेल के पास गो सेवकों ने गोतस्करों को अक्तूबर 2017 में रोकने की कोशिश की तो उन पर फायरिंग कर दी गई। इस फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ। डीसी कॉलोनी से कुछ गायों को ट्रक में भरकर ले जाया जा रहा था। इसी सूचना पर रात साढ़े 12 बजे गो सेवकों ने गाड़ी को रामबाग की तरफ मोड़ दिया। जब टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उनकी गाड़ी को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं पुलिस कर्मचारियों पर भी तस्करों ने गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की और फिर भाग गए। इस संबंध में पुलिस ने गो तस्करों पर केस भी दर्ज किया था।

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अक्तूबर 2018 में फिर हुई गो तस्करों से गो सेवकों की भिड़ंत

गो तस्करों की अक्तूबर 2018 में भी गो सेवकों के साथ बापोड़ा चौक पर भिड़ंत हुई थी। इसमें दोनों ही तरफ से पत्थरबाजी हुई थी। इस दौरान गो तस्करों का कंटेनर सड़क किनारे खड़े बिजली पोल से भी टकराया था। इसके बाद आरोपी कंटेनर छोड़कर भाग गए। उस समय करीब 20 गोवंश को गो तस्करों से मुक्त कराया गया। गो तस्कर गोवंश को तोशाम से कंटेनर में भरकर भिवानी की तरफ आ रहे थे। बापोड़ा चौक पर नाकाबंदी कर उन्हें रोका गया था।

तोशाम में 2022 में हुई थी भिवानी गो सेवकों की तस्करों से भिड़ंत

तोशाम क्षेत्र से गो तस्कर गोवंश को गाड़ी में भरकर जा रहे गो तस्करों से गो सेवकों की भिड़ंत हुई थी। मामला 2022 का है। भिवानी गो रक्षा दल सदस्यों की तस्करों ने उस समय दो गाड़ियों को भी तोड़ डाला था और जमकर पत्थर पीछा कर रहे गो सेवकों की गाड़ियों पर बरसाए थे। इस दौरान दो लोगों को पकड़ा गया और 15 गोवंश को मुक्त कराया था।

2021 में गो तस्करों ने की थी फायरिंग

हांसी गेट बासिया भवन के समीप भी गो सेवकों पर तस्करों ने फायरिंग की थी। इस दौरान गो तस्कर गाड़ी लेकर भागने में कामयाब रहे थे। वहीं पुलिस ने भी मामले की छानबीन की। मगर तस्करों का कोई सुराग नहीं लगा था। इस दौरान पुलिस को गोली के खाली खोल भी मिले थे।
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अधिकारी के अनुसार

गो तस्करों का लोकल नेटवर्क फैला हुआ है। इनकी मदद से गो तस्कर यहां रात के समय गाड़ियों में गोवंश को भरकर गोकशी के लिए ले जाते हैं। सर्दियों की शुरुआत में अधिकांश किसान अपनी फसल बिजाई कर रहे होते हैं और पशुओं के लिए चारे का संकट होता है। लावारिस पशु के झुंड की सूचना भी तस्करों तक लोकल नेटवर्क के जरिये ही पहुंचती हैं। गो सेवकों के साथ कई बार गो तस्करों की भिड़ंत में फायरिंग हुई है और काफी गाड़ियों को भी तस्कर तोड़ चुके हैं। गो रक्षा दल के सदस्य पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर गो तस्करी में शामिल लोगों को पकड़वा चुके हैं। -संजय परमार, अध्यक्ष जिला गो रक्षा दल भिवानी।
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