बास। बास क्षेत्र के उगालन की तरफ से आने वाली ड्रेन ओवरफ्लो होने से बडाला के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यह ड्रेन करीब 47 किलोमीटर लंबी है और जींद जिले से शुरू होकर उगालन से होते हुए भगाना और सिरसा जिले तक जाती है। ड्रेन ओवरफ्लो होने से गांव बडाला के खेतों में पानी भर गया है और लगभग 500 एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि पूरी तरह से जलमग्न हो गई है।
खेतों में खड़ी धान की फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई। इससे किसानों को भारी नुकसान का अंदेशा है। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रकट किया है।
किसान जोगेंद्र उर्फ जोग, अनूप भांभू, विजय फौजी, कृष्ण, वेदपाल, संदीप, मनोज, संजय, आनंद, कर्मबीर, जयपाल, दीपक और मंजीत ने बताया कि गांव की करीब 350 एकड़ धान की फसल पानी में पूरी तरह डूब चुकी है। किसानों के अनुसार ड्रेन से पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और यदि समय रहते इसे नहीं रोका गया तो आगामी एक-दो दिनों में पूरा गांव भी पानी की चपेट में आ सकता है। खेतों में अब बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं और लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
इस आपदा के चलते किसानों ने ड्रेन को पाटकर पानी की निकासी करवाने की मांग की है, ताकि खेतों को जलभराव से राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने सरकार और प्रशासन से फसल के नुकसान का उचित मुआवजा देने की अपील भी की है।
उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बारिश शुरू होने से पहले ड्रेन की सफाई नहीं करवाई गई। जिस कारण पानी का बहाव रुक गया और दबाव बढ़ने से ड्रेन ओवरफ्लो हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग ने समय रहते ड्रेन की सफाई करवाई होती तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
इस ड्रेन की पानी की क्षमता 320 क्यूसेक पानी की है, लेकिन ड्रेन में पीछे से 500 क्यूसेक पानी चल रहा है। इसकी वजह से ड्रेन ओवरफ्लो हो गई और ड्रेन का पानी किसानों के खेतों की तरफ चला गया। जेसीबी मशीन की सहायता से ड्रेन की साइडों में मिट्टी लगाई जा रही है। जिसको आज शाम तक पूरा कर दिया जाएगा।
- विवेक गुप्ता, एसडीओ, सिंचाई विभाग।