भिवानी। नाबालिग बालक से कुकर्म के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने दोषी सुरेंद्र उर्फ गौरव को आजीवन कारावास और कुल 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरुचि अटरेजा सिंह की अदालत ने पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में यह फैसला सुनाया।
मामले के अनुसार थाना सदर भिवानी के अंतर्गत रहने वाली एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि आरोपी उसके नाबालिग बेटे को प्रसाद देने के बहाने सुनसान स्थान पर ले गया और उसके साथ कुकर्म किया। शिकायत के आधार पर थाना सदर भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोषी करार दिया
पुलिस की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुरेंद्र उर्फ गौरव निवासी मंढाना को दोषी पाया गया। अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी सुरेंद्र उर्फ गौरव, हाल निवासी कृष्णा कॉलोनी भिवानी को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) के तहत दोषी को सात वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोनों धाराओं में कुल 70 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
पुलिस अधीक्षक भिवानी मयंक मिश्रा ने सभी थाना प्रबंधकों और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों में तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार न्यायालय में पेश करने के निर्देश भी दिए हैं।