विपक्षी दलों के नेताओं का हरियाणा के डाडम में जाने का दौर रविवार को भी जारी रहा। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. सुशील गुप्ता और टीएमसी नेता डॉ. अशोक तंवर ने डाडम में पहुंच कर हालात का जायजा लिया। वहां काम करने वाले लोगों के साथ बातचीत की और अधिकारियों से बचाव कार्य में तेजी बरतने की अपील की।
डाडम में पहुंचे पूर्व सांसद व अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस नेता डॉ. अशोक तंवर ने हादसे पर चिंता व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति सांत्वना जाहिर की है। साथ ही उन्होंने इस हादसे के पीछे सरकार की संलिप्तता को भी शंका के दायरे में लाया है।
रविवार को डाडम खनन क्षेत्र हादसे में घायल हुए पीड़ितों का हालचाल जानने भिवानी पहुंचे डॉ. तंवर ने कहा कि खनन कार्य में जितनी खुदाई की स्वीकृति मिली हुई है, उससे कहीं अधिक गहराई तक खुदाई किए जाने पर यह हादसा हुआ, जिसके लिए राज्य की भाजपा व जजपा सरकार भी दोषी है।
उन्होंने कहा कि पहाड़ को पूरी तरह से खुदाई करके खोखला कर दिया है और इस मामले में सरकार के प्रतिनिधियों को सुविधा शुल्क दिया जा रहा है, क्योंकि किसी अधिकारी अथवा सत्ता से जुड़े लोगों के बगैर इतना बड़ा मामला नहीं चल सकता। पिछले सात सालों में इस मामले पर सरकार आंखें मूंदे रही और इसके लिए पूर्ववर्ती सरकारें भी कहीं न कहीं जिम्मेदार हैं। डॉ. तंवर ने कहा कि जिस मामले में स्वयं भाजपा के नेता सवाल उठा रहे हैं, निश्चित ही उसकी पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
दोषियों को कड़ी सजा व मृतकों के परिवार वालों को मिले 2 करोड़ मुआवजा : डॉ. सुशील गुप्ता
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि अवैध खनन के कारण चार लोगों की जान गई है। डाडम पहाड़ में पिछले कई दिनों से अवैध खनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि एनजीटी की जांच में अरावली के क्षेत्र में बालू मिट्टी डालकर सुबूत मिटाने का काम किया था। यह मुद्दा भी आम आदमी पार्टी ने उठाया था, लेकिन सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया।
आप नेता ने कहा कि खनन माफिया लगातार अवैध खनन को अंजाम देते रहे और मजदूरों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जान जोखिम में डालकर उनसे काम करवाया गया, जिसका नतीजा यही हुआ कि निर्दोष मजदूरों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा राहत बचाव कार्य में और तेजी लाई जानी चाहिए। डॉ. गुप्ता ने कहा सरकार से आम आदमी पार्टी मांग करती है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिली चाहिए व मृतकों के परिवार को दो करोड़ व घायलों को एक करोड़ रुपये मुआवजा राशि दी जाए। इस दौरान मध्य जोन संगठन मंत्री पवन हिंदुस्तानी, भिवानी जिलाध्यक्ष दलजीत तालु, महिलाध्यक्ष सविता नंदा, जिला सगठन मंत्री करतार सिंह, सह संगठन मंत्री एडवोकेट जयपाल जागलान आदि मौजूद रहे।
कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ने लगाए लापरवाही के आरोप, 50 लाख मुआवजा देने की मांग
कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी जिला कमेटी भिवानी ने इस हादसे पर दुख प्रकट किया और बचाव कार्यों में तेजी लाने की मांग की। पार्टी जिला सचिव कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि यह खान दुर्घटना लापरवाही व अवैध खनन के कारण हुई बताई जाती है। जिस कंपनी के पास खनन का ठेका है, उसने सुरक्षा उपायों की घोर उपेक्षा की है, जो जान लेवा साबित हुई है। कंपनी के मालिकों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। खनन विभाग व जिला प्रशासन को भी अपनी जिम्मेदारी से बचना नहीं चाहिए। उनके विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने मृतक मजदूरों के परिवार को प्रति व्यक्ति 50 लाख रुपये मुआवजा व आश्रित को नौकरी देने की मांग की है। वहीं घायलों को कंपनी के खर्च पर मुफ्त इलाज उपलब्ध करवाने और 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।