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साढ़े तीन हजार खिलाड़ियों के अभ्यास स्थल भिवानी के भीम स्टेडियम में सुविधाओं का टोटा

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भीम स्टेडियम। संवाद - फोटो : Bhiwani
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नवनीत शर्मा
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भिवानी। खेल सुविधाओं के नाम पर भिवानी के हिस्से सिर्फ अव्यवस्थाएं ही आ रही हैं, जबकि यहां के खिलाड़ियों ने विश्व स्तर पर देश को खेल जगत में नई पहचान दिलाई है। भीम स्टेडियम में जहां एक समय में करीब साढ़े तीन हजार खिलाड़ी खेल अभ्यास करते हैं। वहां शाम ढलते ही खिलाड़ियों का अभ्यास भी खटाई में पड़ जाता है, क्योंकि यहां खेल सुविधाएं ढुलमुल और बत्ती गुल है।
भीम स्टेडियम में पिछले कई सालों से बिजली निगम और खेल विभाग के बीच करोड़ों रुपये के बकाया बिजली बिल को लेकर खींचतान चल रही है। इसी खींचतान में खिलाड़ियों का अभ्यास भी दम तोड़ रहा है। बिजली बिल का विवाद खेल निदेशालय के संज्ञान में है और इस मामले में निदेशालय के अधिकारी ही पैरवी भी कर रहे हैं, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। इसी को लेकर खिलाड़ी भी बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। गर्मी के मौसम में तो खिलाड़ी अभ्यास के दौरान ही बेचैन हो रहे हैं, क्योंकि खेल अभ्यास में पसीना बहाने के साथ उसे सुखाने के लिए लाइट की व्यवस्था तक नहीं है। दरअसल भीम स्टेडियम में दो बिजली कनेक्शन हैं, एक कनेक्शन कई साल पहले बकाया बिजली बिल की वजह से कट चुका है, जबकि एक बिजली कनेक्शन केवल एकेडमिक विंग के लिए चालू है। जिसमें दफ्तर के आसपास का इलाका ही अंधेरे के समय जगमग होता है। करीब दस एकड़ से अधिक दायरे में फैले भीम खेल स्टेडियम का ज्यादातर हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है।
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सिंथेटिक एथलीट ट्रैक और एस्टोटर्फ मैदान की हालत भी खस्ता
भीम स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय खेल मानकों के आधार पर सिंथेटिक एथलीट ट्रैक और हॉकी का एस्टोटर्फ मैदान भी बना है, लेकिन उचित रखरखाव के अभाव में इनकी हालत खस्ता हो चुकी है। हॉकी के एस्ट्रोटर्फ मैदान की मैट तो फट चुकी है और एयर गन तो चोरी हो चुकी है। सिंथेटिक एथलीट ट्रक का भी उचित रखरखाव नहीं होने से कई जगह से खस्ताहाल हो गया है। जिसमें अभ्यास के दौरान खिलाड़ी भी चोटिल हो रहे हैं।
ग्रामीण खेल परिसरों में में उग गई झाड़ियां
जिले में खेल विभाग की ओर से खेल परिसरों का भी निर्माण कराया गया है, लेकिन जिले के ज्यादातर खेल परिसरों में बारिश के बाद झाड़ियां उगी हुई हैं, जहां खिलाड़ियों का खेल अभ्यास भी नहीं हो रहा है। सरकार ने ग्रामीण स्तर पर खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधा का दावा किया था, मगर ये दावे धरातल पर फेल हो रहे हैं।
नहीं करता कोई भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी यहां अभ्यास
खेल सुविधाओं की कमी की वजह से कोई भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी यहां अभ्यास नहीं कर रहा है। हालांकि इसी साल ओलंपिक में तीन बॉक्सरों ने हिस्सा लिया। वहीं पैरालिंपिक में हिस्सा लेने के लिए अरुणा तंवर टोक्यो रवाना हुई है। इससे पहले यहां के खिलाड़ी ओलंपिक में मेडल भी लेकर आए हैं, लेकिन ये खिलाड़ी भी बाहर अनुभवी और प्रशिक्षित कोच व खेल सुविधाओं से युक्त केंद्रों पर ही खेल अभ्यास कर रहे हैं। (संवाद)
एक करोड़ से अधिक बिजली बिल बकाया
बिजली निगम का एक करोड़ से अधिक का बिजली बिल खेल विभाग की तरफ बकाया है। इस बिल को भुगतान के लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों की मध्यस्थता से भी बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब मामला खेल निदेशालय में अटक गया है। स्टेडियम का एक बिजली कनेक्शन डिफॉल्टिंग राशि भुगतान नहीं होने पर काटा जा चुका है, जबकि एक बिजली कनेक्शन चालू है, जिसका भी काफी बिल बकाया है।
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-रणबीर सिंह, महाप्रबंधक, बिजली निगम सर्कल भिवानी।
साधन जुटाए जा रहे हैं
खेल सुविधाओं के लिए हर संभव संसाधन जुटाए जा रहे हैं। भिवानी के खिलाड़ियों के लिए सभी खेल सुविधाएं मुहैया कराई हुई हैं। बिजली कनेक्शन का मामला निदेशालय के अधिकारियों के समक्ष भेजा हुआ है, इसमें हम अपने स्तर पर कुछ नहीं कह सकते हैं।
-प्रीतम सिंह, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी (अतिरिक्त प्रभार)।
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