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चलती ट्रेन महिला ने दिया बच्चे को जन्म, ट्रेन के मुसाफिरों ने कराई डिलिवरी

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चलती ट्रेन में बच्चे को जन्म देने वाली गांव कुड़ल वासी महिला पूजा। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। बांद्रा टर्मिनल से हिसार जा रही एक महिला ने चलती ट्रेन में बच्चे को जन्म दिया। महिला भिवानी जिले के गांव कुड़ल की रहने वाली है। बीकानेर रेलवे के कंट्रोल रूम में ट्रेन के अंदर तैनात टीटीई ने इसकी सूचना दी तो रेलवे अधिकारियों ने रतनगढ़ रेलवे स्टेशन पर महिला और बच्चे के चिकित्सकों से चेकअप की व्यवस्था कराई। जांच के दौरान महिला व बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ मिले, जिसके बाद उन्हें उसी ट्रेन से गंतव्य की ओर रवाना किया।
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ब्रांद्रा टर्मिनल से हिसार जा रही गाड़ी 09215 के एस-5 कोच की सीट 51 पर भिवानी जिले के गांव कुड़ल निवासी पूजा अपने भाई रविकांत के साथ भरुच से हिसार के लिए सफर कर रही थी। बीकानेर रेलवे कंट्रोल रूम में कोच के टीटीई आरसी मीना ने सूचना दी कि एक महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है, जिसके लिए महिला चिकित्सक की व्यवस्था करने की मांग की गई है। रेलवे ने तुरंत उस गाड़ी के रतनगढ़ स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही महिला चिकित्सक व स्टाफ की व्यवस्था करा दी, लेकिन महिला ने चलती ट्रेन के अंदर ही मौजूद महिला मुसाफिरों की मदद से बच्चे को जन्म दे दिया। महिला ने चलती ट्रेन में स्वस्थ लड़के को जन्म दिया। डिलिवरी की तीन से चार मिनट बाद ही ट्रेन रतनगढ़ स्टेशन पर पहुुंच गई। जहां पहले से ही मौजूद राजकीय चिकित्सालय रतनगढ़ की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सीताराम ने महिला व बच्चे का चेकअप किया। जांच के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ्य थे। मेडिकल टीम ने महिला को कुछ जरूरी दवाइयां दी और इंजेक्शन लगाया। जिसके बाद उसी पैसेंजर गाड़ी से जच्चा और बच्चा दोनों को गंतव्य की ओर रवाना किया गया। महिला के भाई रविकांत ने रेलवे की ओर से उसकी बहन के लिए किए गए इंतजामों की सराहना की।
उत्तर पश्चिमी रेलवे बीकानेर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनिल रैना ने बताया कि रेलवे प्रत्येक मुसाफिर के लिए बीच सफर में हर तरह की परिस्थितियों के लिए हर संभव मदद जुटाने का प्रयास करता है। उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम में दी गई सूचना के तुरंत बाद ही रेलवे अधिकारी हरकत में आ गए थे, इसलिए ट्रेन के स्टेशन पहुंचने से पहले ही मेडिकल टीम वहां तैयार मिली थी। यह एक सराहनीय कार्य है।
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