भिवानी। भिवानी दादरी मार्ग पर स्थित कितलाना टोल प्लाजा के पास चल रहे किसान धरना स्थल पर रविवार को सर्व धर्म सम्मेलन हुआ। जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने किसान आंदोलन को समर्थन दिया। मुस्लिम समाज से प्रधान जोरावर अली ने कहा कि जब तक किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक इस धरने पर आते रहेंगे और उनकी तरफ से पूरा समर्थन मिलता रहेगा।
वहीं सिख धर्म से जुड़े लोगों ने भी धरने का समर्थन करते हुए कहा कि जो आंदोलन पंजाब से शुरू हुआ था वह अब पूरे देश और जन जन का आंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा जब तक सरकार तीनों कानूनों को रद्द नहीं करती भिवानी का यह टोल प्लाजा तब तक फ्री रहेगा। वे यहां पर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि चार जनवरी को सरकार के साथ होने वाली मीटिंग में कोई परिणाम नहीं निकलता तो उनका धरना भी इसी तरह बिना रुके जारी रहेगा। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार इंदरमोहन सिंह ने कहा नए कृषि कानूनों का किसानों के साथ साथ मजदूर, दुकानदार, छोटे व्यापारियों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। मुख्य ग्रंथी प्रदीप सिंह ने धरना स्थल के मंच से गुरबाणी कीर्तन कर संगतों को निहाल किया। सर्व धर्म सम्मेलन में गुरुद्वारा देवसर चुंगी के प्रधान ज्ञान सिंह बागड़ी, मुख्य ग्रंथी प्रदीप सिंह, मोहन सिंह, सुभाष सिंह खालसा, बलदेव सिंह, सरदार किशन सिंह पहुंचे हुए थे। वहीं ईसाई धर्म से भी कुछ लोग यहां पहुंचे और किसान आंदोलन को समर्थन दिया। मुस्लिम समाज के प्रधान जोरावर अली, झोझू से जमात अली, ईस्माइल, हाफिजुला खान, मुजीब खान, आसीन अली, शब्बीर हुसैन ने पहुंच कर किसान आंदोलन को समर्थन दिया
‘तीनों कृषि कानूनों को रद्द करे सरकार’
बहल। कृषि कानूनों को रद्द करने व एमएसपी के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर किसान आंदोलन के समर्थन में सोरड़ा कदीम में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के तीसरे दिन अनेक किसानों ने भाग लिया। धरने में कांग्रेस के हलका लोहारू युवा प्रधान एडवोकेट शक्तिसिंह गाढ़ा भी शामिल हुए और केंद्र सरकार से किसान हित में तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की।
रविवार को आयोजित धरने की अध्यक्षता रणबीर जाखड़ ने की। वहीं, धरने के तीसरे दिन ईश्वर सिंह जाखड़ अनशन पर बैठे। धरनारत किसानों ने कहा की अब भी अवसर है कि चार जनवरी को किसान संगठन और सरकार की जो बातचीत होनी है, उसमें सरकार अपनी गलती स्वीकारते हुए किसानों की बात मानें और तीनों कृषि कानूनों का एक कलम से रद्द करने का एलान करें। धरने में किसानों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। किसानों ने दिल्ली में धरनारत किसानों के समर्थन में अपनी एकजुटता पर बल दिया। इस अवसर पर किसान सभा के प्रदेश सचिव डॉ. बलबीर सिंह ठाकन, एडवोकेट अशोक आर्य, राजीव श्योराण, अनिल कासनी, दलीप, रूघबीर सिंह, लालचंद, महताब, सोमबीर महला, राजकुमार, अशोक जाखड़ मौजूद रहे।