भिवानी। तापमान बढ़ने के साथ आग लगने की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। खासकर खेतों में आग की घटनाएं ज्यादा बढ़ रही हैं। औसतन हर रोज दो से तीन जगह आग की घटनाएं सामने आ रही हैं और जिले में नियुक्त 31 कर्मचारी पांच गाड़ियों के सहारे जिलेभर में व्यवस्था बनाने की जद्दोजेहद कर रहे हैं। मंगलवार को भी जिले में तीन जगह आग लगी।
आग लगने की छोटी घटनाओं में तो दमकल अमला काबू पा लेता है। यदि कोई बड़ी घटना हुई तो जिले में पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। हिसार में मंगलवार को राजगुरु मार्केट में लगी आग में एक किशोर की मौत भी हो गई। इसी को लेकर हमने जिले में आग से निपटने के लिए कितनी व्यवस्था है, इसको लेकर पड़ताल की। इसमें हमने प्रतिदिन लगी रहीं आग की घटनाओं का भी जिक्र किया है।
माल से लदी गाड़ी में लगी आग
सोमवार देर रात करीब एक बजे लोहड़ बाजार में ट्रांसपोर्ट के बाहर माल से लदी खड़ी गाड़ी में ऊपर से गुजर रहे बिजली तार की चिंगारी से आग लग गई। आग ने गाड़ी में लदे किराना व इलेक्ट्रॉनिक्स के अलावा अन्य सामान को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास के लोगों ने आग लगने की सूचना दमकल विभाग को दी। मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ी ने करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं जब तक आग बुझी तब तक गाड़ी में लदा करीब सात लाख का माल नष्ट हो चुका था।
लोहड़ बाजार क्षेत्र स्थित महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट के संचालक सज्जन कुमार ने बताया कि उनकी ट्रांसपोर्ट की गाड़ी से भिवानी से लोहारू के लिए करीब 25 फर्मों का माल गाड़ी के अंदर मंगलवार सुबह जाना था। इसलिए लेबर ने देर रात को ही गाड़ी के अंदर माल लाद दिया था। इसमें किराना और इलेक्ट्रॉनिक्स के अलावा अन्य ट्रांसपोर्ट का सामान था। माल से लदी गाड़ी ट्रांसपोर्ट के बाहर ही खड़ी थी। सोमवार देर रात करीब एक बजे गाड़ी के पिछले हिस्से में लदे माल में आग लग गई। हादसा बिजली तार से चिंगारी उठने से हुआ, क्योंकि इलाके में बिजली के तार काफी नीचे लटक रहे हैं, इससे पहले भी लटकते तारों से हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिला प्रशासन व बिजली निगम कोई संज्ञान नहीं ले रहा है। उसने बताया कि आग लगने से ट्रांसपोर्ट में जाने वाला करीब सात लाख कीमत का माल नष्ट हो गया। वहीं गाड़ी को भी काफी नुकसान हुआ है।
मेडिकल स्टोर में आग से लाखों की दवा नष्ट
नागरिक अस्पताल के सामने भी सोमवार देर शाम को अचानक बिजली के शॉर्टसर्किट से आग लग गई। आसपास के दुकानदारों ने देर रात को दुकान का ताला तोड़कर आग पर काबू पाया। वहीं मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ी ने भी करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दुकान के अंदर से घना धुआं बाहर निकल रहा था, जिसकी वजह से आग पर काबू पाने में दमकल कर्मचारियों को भी काफी परेशानी हुई। वहीं आग बुझने तक दुकान के अंदर रखी लाखों की दवाइयां व अन्य सामान भी नष्ट हो चुका था। आसपास के लोगों ने बताया कि दवाइयां थोक विक्रेता की है। जिसमें काफी कीमती दवाइयां रखी थीं। संकरी गली के अंदर लगी आग पर समय रहते पहुंचने में दमकल कर्मचारियों को काफी परेशानी हुई।
फसल कटाई के सीजन में बढ़ गया आग का खतरा
गर्म हवाओं के थपेड़ों से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसी के साथ फसल कटाई के दौरान भी आग का खतरा बढ़ गया है। भिवानी दमकल बेड़े को अलर्ट पर रखा हुआ है। चौबीस घंटे दमकल कर्मी तैनात हैं। कभी भी एक फोन कॉल आए तो तुरंत बेड़ा निकल पड़ता है। मगर फसल कटाई में विडंबना यह भी है कि जब तक दमकल पहुंचती है आग फसल को ही लपेटे में ले लेती है।
गाड़ियां न स्टाफ, कैसे पाए आग पर काबू
दमकल विभाग की बात करें तो फिलहाल पांच गाड़ियां है और 31 कर्मचारी। नियमानुसार एक गाड़ी पर छह कर्मचारी चाहिए और तीन शिफ्टों में करीब 90 कर्मचारी। फिलहाल तीनों शिफ्टों का काम ये 31 कर्मचारी ही चला रहे हैं। सिवानी में सब स्टेशन है, जहां एक गाड़ी और 14 कर्मचारी हैं। लोहारू और बवानीखेड़ा सब स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं, मगर अभी गाड़ियां नहीं भेजी गई हैं। भिवानी से ही 60-60 किलोमीटर दूर भी आग लगने पर भागदौड़ करनी पड़ रही है।
ये रखें सावधानी
खलिहानों की सुरक्षा के लिए भी खास तौर पर सहला है कि बिजली लाइनों के आसपास व नीचे खलिहान न बनाएं। इसी तरह बंद मकान में बिजली उपकरणों को भी खुला न छोड़ें। अगर घर से बाहर जाएं तो इन्वर्टर को भी बंद कर दें। स्विच अगर ढीला है तो उसकी भी जांच कराएं, क्योंकि हल्की सी चिंगारी भी आग की वजह बन सकती है। रसोई घर में गैस सिलिंडर इस्तेमाल के बाद हमेशा बंद रखें। आग लगने पर तुरंत सूचना दमकल विभाग को दें। ज्वलनशील पदार्थ या बंद मकान में हमेशा अग्निशमन संयंत्र रखें।
हमारे पास पर्याप्त संसाधन
गर्मी के मौसम में रोजाना ही दो से तीन आग लगने की सूचना कंट्रोल रूप में मिल रही हैं। हमारे पास आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन कई बार आग इतनी ज्यादा होती है कि दमकल कर्मचारियों के प्रयासों के बावजूद नुकसान की आशंका बढ़ ही जाती है। हम लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं।
- ताराचंद सैनी, जिला दमकल अधिकारी भिवानी।