भिवानी डिपो से मंगलवार को महेंद्रगढ़ 145 बसें जाने के बाद डिपो में बची 65 बसों का ही संचालन हो पाया। इसके कारण लंबे रूटों समेत ग्रामीण रूटों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ज्यादातर ग्रामीण रूट बंद ही रहे। इसके कारण दैनिक यात्रियों समेत विद्यार्थियों को प्राइवेट बस या अन्य वाहनों के सहारे ही सफर करना पड़ा।
दरअसल, महेंद्रगढ़ केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित सरकारी कार्यक्रम में लोगों को लाने व ले जाने के लिए भिवानी डिपो से 145 बसों को भेजा गया। बसों की कमी के कारण सुबह दिल्ली व चंडीगढ़ रूट पर जाने वाली नियमित बसों के बाद पूरे दिन परिवहन व्यवस्था बिगड़ी रही। स्थिति को संभालने के लिए रोडवेज कर्मचारियों ने जिस बूथ पर ज्यादा सवारियां मिलीं, उसी रूट पर बसों को चलाया।
बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ जमा रही। लड़कियों को खिड़कियों में खड़े होकर सफर करना पड़ा। मंगलवार को लगभग सभी ग्रामीण रूट बंद रहे। लंबे रूटों पर 10 से 15 मिनट में चलने वाली बसें एक से डेढ़ घंटे के अंतराल में चली। यात्री पूरे दिन पूछताछ केंद्र पर बसों की सूचना लेने के लिए दौड़ते रहे। वहां पर भी यात्रियों को निराशा ही हाथ लगी। पूरे दिन प्राइवेट व किलोमीटर स्कीम की बसों के सहारे ही यात्रियों को सफर करना पड़ा। दोपहर डेढ़ बजे के बाद बहल रूट बंद रहा। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
इन मार्गों पर प्रभावित रही बस सेवा
मंगलवार को बसों की कमी के कारण जिले में रोडवेज परिवहन सेवा बाधित रही। इनमें बलियाली, ढाणी माहूं, झोझृ, महम, तोशाम, मानहेरू, ढिगावा, बड़दू, चैहड़, सिरसी, मिताथल, बडेसरा, कुगंड़ भैणी, सारंगपुर, नरसिंह मार्गाें पर रोडवेज बसें नहीं चलीं। वहीं जींद, गुरुग्राम, हिसार, रोहतक मार्गों पर दो-दो घंटों के अंतराल में बसें चलीं। दोपहर 1:30 पर चंडीगढ़ जाने वाली बसें भी बंद रहीं। रोहतक जाने वाले यात्रियों को दिल्ली जाने वाली बसों का सहारा लेकर गंतव्य की तरफ जाना पड़ा।