भिवानी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के एक मकान में एक झोलाछाप डॉक्टर लोगों को इलाज के नाम पर नशे की दवाईयां बेचता है। इस पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। जहां झोलाछाप डॉक्टरी कर रहे आरोपी की पहचान गांव तालु निवासी फूलकुमार के रूप में हुई।
भिवानी में रोडवेज विभाग में बतौर परिचालक लगे एक व्यक्ति को पुलिस ने किराये का मकान लेकर झोलाछाप डॉक्टरी करते हुए रंगे हाथ काबू किया है। पुलिस ने घर के अंदर तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नशे के प्रतिबंधित कैप्शूल और गोलियों के डिब्बे मिले हैं, जिन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है। वहीं, आरोपी के खिलाफ संबंधित धारा के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की है।
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शहर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के एक मकान में एक झोलाछाप डॉक्टर लोगों को इलाज के नाम पर नशे की दवाईयां बेचता है। इस पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। जहां झोलाछाप डॉक्टरी कर रहे आरोपी की पहचान गांव तालु निवासी फूलकुमार के रूप में हुई। फुलकुमार हरियाणा रोडवेज में बतौर परिचालक लगा है। लेकिन हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में वह किराये का मकान लेकर यहां झोलाछाप डॉक्टर बनकर इलाज कर रहा है।
राजपत्रित अधिकारी एक्साइज इंस्पेक्टर विकास श्योराण की मौजूदगी में पुलिस की टीम ने घर की तलाशी ली। इस दौरान फुलकुमार की पेंट की जेब से भी 30 अल्प्राजोलम की गोलियां बरामद हुई। जिसके बाद मकान के अंदर तलाशी में पुलिस की टीम को एक गता पेटी में 49 डिब्बे प्रॉक्सीवेल स्पास में कुल 11660 कैप्शूल और इसी पेटी में दो डिब्बे अल्प्राजोलम के मिले जिसमें 1180 गोलियां बरामद हुई। ये सभी दवाईयां नशीली और प्रतिबंधित हैं। पुलिस ने प्रतिबंधित दवाईयों की खेप को अपने कब्जे में लिया और आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर इन दवाओं का सोर्स जानने में जुटी है।