भिवानी। यूक्रेन में हो रहे धमाकों की वजह से मेडिकल स्टूडेंट की नींद हराम हो गई है। धमाके रुक नहीं रहे हैं। खारकीव में में मेडिकल की पढ़ाई करने गई भिवानी निवासी मधु ने बताया कि उसके निकलते ही उसकी बिल्डिंग पर बम विस्फोट हुआ, जिसमें वह बच गई।
वहीं खारकीव से ल्वीव जाने के लिए निकल रहे केशव, स्नेहा और मुस्कान भी बम धमाकों की वजह से वापस बंकर में लौट गए। लगातार बिगड़ रहे हालाता की वजह से परिजनों और मेडिकल स्टूडेंट की सांस थम गई है। बस और ट्रेन में 18 से 20 घंटे सफर कर वे पड़ोसी देशों में शरण ले रहे हैं।
बम विस्फोट में ध्वस्त हुई बिल्डिंग, कपड़ों सहित सारा सामान जल गया : मधु
देव नगर निवासी भाजपा नेता शकुंतला ने बताया कि उनकी बेटी मधु कौशिक यूक्रेन के शहर खारकीव में मेडिकल की पढ़ाई कर इंटर्नशिप कर रही है। चार दिन पहले मधु कौशिक 11वीं मंजिल पर अपने फ्लैट में सो रही थी। अचानक ही तेज धमाके की आवाज आई तो उसने उठकर देखा कि सामने वाली बिल्डिंग पर बमबारी हुई है, जिसकी वजह से पूरी बिल्डिंग ध्वस्त हो गई। बमबारी के कारण आपातकालीन स्थिति के हूटर बजने लगे तो मधु कौशिक अपने सभी दस्तावेज लेकर नीचे आ गई। महज दो मिनट बाद ही मधु की बिल्डिंग पर भी बमबारी हो गई, जिसकी वजह से उसके कपड़े सहित पूरा सामान अंदर ही जलकर राख हो गया। शकुंतला ने बताया कि जब मधु ने उन्हें वीडियो कॉल पर हादसे की जानकारी दी तो वे भी सहम गए। गनीमत रही की मधु को कोई चोट नहीं आई। सोमवार सुबह मधु कौशिक अन्य मेडिकल स्टूडेंट के साथ खारकीव से ट्रेन में हंगरी निकली, जोकि मंगलवार शाम तक हंगरी बॉर्डर पर पहुंची है। शकुंतला ने बताया कि अगर फ्लाइट में जगह मिली तो मंगलवार को ही आने वाली फ्लाइट में वह वतन के लिए रवाना होगी।
हंगरी से भरेंगे नई दिल्ली के लिए उड़ान : मनीष रंगा
जिले के गांव लालावास निवासी मनीष रंगा यूक्रेन की राजधानी कीव में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए गए थे। मनीष ने बताया कि दूतावास के निर्देशानुसार वे सोमवार को कीव से ट्रेन के माध्यम से यूक्रेन के शहर ल्वीव पहुंचे, जिसके लिए उन्हें करीब 12 घंटे लगे। इसके बाद सभी मेडिकल स्टूडेंट ने मिलकर ल्वीव रेलवे स्टेशन से हंगरी जाने के लिए एक बस बुक की जिसमें 20 से 25 मेडिकल स्टूडेंट सवार हैं। ल्वीव से वे मंगलवार को निकले। बर्फबारी होने की वजह से उन्हें हंगरी पहुंचने में अधिक समय लगेगा। वे अपने खाने-पीने का सामान हॉस्टल से ही साथ लेकर आए थे और बस का कोई स्टॉप नहीं है। हंगरी में दस्तावेजों की जांच करवाने के बाद वे नई दिल्ली के लिए उड़ान भर सकेंगे।
18 घंटे से बस में सफर कर रही नैना : सविता घणघस
सेठ किरोड़ीमल राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्या सविता घणघस ने बताया कि उनकी बेटी नैना सिंह यूक्रेन के शहर पोलवाता से मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। पोलवाता में हालात बिगड़ने पर वह भी वतन लौटाने के प्रयास कर रही है। नैना सिंह अन्य मेडिकल स्टूडेंट के साथ सोमवार को हंगरी के लिए रवाना हुई थी। उसने बस में 17 से 18 घंटे का सफर तय कर लिया है। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे वह विनितसिया में पहुंची थी। हंगरी पहुंचने के बाद वह नई दिल्ली की फ्लाइट में रवाना होगी।
बमबारी शुरू हुई तो फिर बंकर में लौटे केशव, स्नेहा और मुस्कान
छोटूराम कॉलोनी निवासी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उनके बेटे केशव शर्मा के अलावा स्नेहा, मुस्कान और दिव्यांशी भी यूक्रेन गए हुए हैं। मंगलवार सुबह दूतावास की गाइडलाइन के बाद केशव, स्नेहा और मुस्कान खारकीव स्थित हॉस्टल के बंकर से ट्रेन के माध्यम से ल्वीव के लिए निकल रहे थे। अचानक ही खारकीव में बमबारी शुरू हो गई, जिसकी वजह से उन्हें बंकर में लौटना पड़ा। वहीं उनके रिश्तेदार की बेटी दिव्यांशी भी बस के माध्यम से पोलैंड पहुंच गई है। उम्मीद है अगली फ्लाइट में दिव्यांशी नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाए।
रात तीन बजे रोमानिया पहुंची नेहा, स्कूल में ठहरी
अमर नगर निवासी नेहा ने बताया कि वह यूक्रेन के शहर विनिस्का में मेडिकल की स्टूडेंट है। पिछले कुछ दिनों से यूक्रेन में हालात बिगड़ने की वजह से उन्हें भी बंकर में रखा गया, जिस दौरान सभी मेडिकल स्टूडेंट में भय का माहौल था। दूतावास के निर्देश के बाद ही वे सोमवार सुबह वह मेडिकल के अन्य स्टूडेंट के साथ बस में रोमानिया के लिए निकली है। बॉर्डर पार करने के बाद सोमवार रात तीन बजे रोमानिया पहुंचे। नेहा ने बताया कि उन्हें फिलहाल रोमानिया के एक स्कूल में ठहराया है, जिसमें शेल्टर होम की तरह व्यवस्थित किया हुआ है। एक कमरे में 16 मेडिकल स्टूडेंट ठहरने हुए हैं, जिनके लिए खाने-पीने की भी व्यवस्था की हुई है। दूतावास के आगामी निर्देश के बाद वे फ्लाइट में उड़ान भरेंगे। (संवाद)
ल्वीव शहर में मनीष रंगा अपने साथियों के साथ। फोटो मनीष के परजिनों के सौजन्य से- फोटो : Bhiwani
मधु कौशिक।- फोटो : Bhiwani