भिवानी। तेज अंधड़ के बाद बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने मंडियों में 41414 टन किसानों का सोना फिर भीगो दिया। जिले की 11 मंडियों में अब तक 51223 टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जबकि 10821 टन गेहूं खरीद हो चुका है। अब तक 9809 टन गेहूं का ही मंडियों से उठान हुआ है। जो वीरवार को हुई बारिश में अधिकांश मंडियों में गेहूं भीगा है। अब तक 7416 किसान अपना गेहूं सरकार को बेच चुके हैं।
जिले की सिवानी, तोशाम, बवानीखेड़ा मंडियों में सरसों के लाखों कट्टे सरसों का उठान नहीं हुआ। वहीं भिवानी मुख्यालय की मंडी सहित अन्य मंडियों में खुले में पड़ा किसानों का गेहूं भी बारिश से भीग गया। उठान नहीं होने की वजह से खरीद हो चुका सरकारी गेहूं और सरसों भी बारिश की चपेट में आ गया, जिसकी वजह से गेहूं और सरसों का उठान भी रुक गया।
बारिश से पहले आई तेज आंधी से ग्रामीण इलाकों में बिजली गुल हो गई। वहीं बारिश और ओलावृष्टि से आबोहवा में भी ठंडक घुली और तापमान भी काफी नीचे गिरा। भिवानी जिले की 11 मंडियों में गेहूं के साथ सरसों की भी बंपर आवक बनी है। फसल खरीद का सीजन पीक पर है कि ऐसे में बार बार बिगड़ रहा मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है वहीं बारिश के प्रभाव से फसल भी खराब हो रही है।
भिवानी मंडी में नहीं हुई गेहूं की खरीद, दोपहर बाद उठान बंद
मौसम खराब होने की वजह से वीरवार को भिवानी मंडी में किसानों के गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हो पाई। हालांकि गेहूं की आवक हुई और किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचे। अधिकांश किसानों ने खुले आसमान के नीचे ही गेहूं की ढेरी लगाई, मगर दोपहर बाद बारिश ने उनकी फसल को भीगो दिया। सुबह से दोपहर तक मंडी में करीब पांच से सात हजार गेहूं के कट्टों का उठान भी हुआ, मगर दोपहर बाद बारिश के कारण उठान बंद हो गया। मंडी में कई जगह पानी की निकासी नहीं होने से बारिश का पानी भी जमा हो गया। जिससे किसानों की फसल खराब होने की आशंका बनी है।
ठेकेदारों की गाड़ियों की नहीं हुई अनलोडिंग, उठान अटका
सरसों की सरकारी खरीद में ढुलाई ठेकेदारों की गाड़ियां पिछले चार दिन से अनलोडिंग की वजह से खड़ी हैं, इस कारण मंडियों में सरसों का उठान भी अटक गया है। वीरवार को हैफेड अधिकारियों के समक्ष ढुलाई ठेकेदारों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। वहीं मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में भी पहुंचा, जिसके बाद अधिकारी भी हरकत में आ गए। दरअसल तोशाम मंडी में खरीद हो चुकी सरसों को हांसी के एचडब्ल्यूसी के गोदामों में लगाया जा रहा है। इसी तरह सिवानी मंडी में खरीदी जा रही सरसों को हिसार के गोदामों में लगाया जाना है। लेकिन लोडिंग गाड़ियों को गोदामों में अनलोडिंग करने के लिए लेबर नहीं है। हांसी की जिस कंपनी ने गाड़ियों को अनलोडिंग का ठेका लिया है उसकी कई मंडियों में उठान और अनलोडिंग का काम भी है। ऐसे में लेबर की कमी की वजह से ढुलाई ठेकेदारों की गाड़ियां पिछले चार दिन से अनलोडिंग के इंतजार में गोदामों के बाहर खड़ी हैं। मंड़ियों में सरसों की खरीद भी पीक पर है। अनलोडिंग का सीधा असर उठान पर भी पड़ रहा है।
मंड़ियों में सरसों की आवक पीक पर चल रही है। अनलोडिंग को लेकर थोड़ी दिक्कत आ रही है, इसको लेकर संबंधित विभागों के साथ पत्राचार किया गया है। वहीं मंडियों में पहुंचकर उठान कार्य का भी जायजा लिया है। फिलहाल मौसम खराब होने की वजह से भी व्यवस्था थोड़ी प्रभावित हो रही है। हमारा प्रयास है कि खरीद हो चुकी किसानों की सरसों का जल्द उठान कराया जाए ताकि उनका भुगतान हो सके।
- राजेंद्र सिंह जिला प्रबंधक, हैफेड भिवानी।
वीरवार को मंडी में मौसम खराब होने की वजह से खरीद नहीं कराई गई है। हालांकि कुछ उठान जरूर कराया गया है। मंडी में ज्यादा आवक भी नहीं हुई है। मौसम साफ होते ही गेहूं की खरीद कराई जाएगी।
-मुकेश कुमार, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी भिवानी।
ढिगावा मंडी और जूई क्षेत्र में भी हुई बारिश
ढिगावा मंडी। ढिगावा मंडी और जूई इलाके में भी बारिश हुई। इससे मंडियों में रखा गेहूं भीग गया। सड़कों पर भी पानी जमा हो गया। किसान खेतों में अपनी गेहूं की फसल निकाल रहे थे, उनके लिए भी मौसम मुसीबत बना। वहीं मंडी में फसल के साथ पहुंचे किसानों की ढेरी भी भीग गई। मंडी के शेड के नीचे सरसों और गेहूं पड़ा था, मगर इसके बावजूद खुले में हजारों क्विंटल गेहूं और सरसों बारिश से भीग गई।