भिवानी। पारा चढ़ने के साथ ही बच्चों में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। औसतन हर रोज 10 से 15 बच्चे सरकारी व विभिन्न निजी अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंच रहे है। फिलहाल 10 साल तक के बच्चे इसकी चपेट में है और जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, उससे 10 से 15 वर्ष के बच्चों को भी खतरा है। डिहाइड्रेशन का शिकार बच्चों में पानी की कमी हो रही है और इस कारण वे खाना-पीना छोड़ देते है। चिकित्सकों की सलाह है कि यह जानलेवा भी हो सकता है, ऐसे में बच्चों का विशेष ख्याल रखें और धूप में जाने से बचे। स्कूली बच्चों पर ज्यादा खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि वे धूप में स्कूल से घर लौटते है। बच्चे पानी की कमी के कारण वायरल बुखार का भी शिकार हो रहे है।
अप्रैल के मध्य तक पहुंचते ही मौसम काफी अधिक गर्म होने लगा है। येलो अलर्ट जारी होने के बाद पारा फिलहाल सामान्य से चार से पांच डिग्री अधिक है। स्कूली बच्चों के समय में भी बदलाव किया गया है। अब सुबह आठ व साढ़े आठ बजे स्कूल लग रहे हैं, लेकिन छुट्टी के वक्त पारा चढ़ जाता है। ऐसे गर्म मौसम में स्कूल से घर पहुंचते बच्चों का सफर खतरे से खाली नहीं हैं। स्कूल वैन या फिर खुले ऑटो रिक्शा में बैठने वाले छोटे बच्चे घर पहुंचते-पहुंचते गर्मी से हाफ जाते हैं। हालांकि काफी बच्चों को अभिभावक पानी की बोतल देकर भेजते हैं, मगर ये बोतल भी घर लौटने से पहले ही खाली हो जाती है। क्लास रूम में भी गर्मी उन्हें दिनभर बेहाल कर देती है।
कोरोना का खतरा, नहीं पी रहे सार्वजनिक पानी
स्कूलों में बच्चों के पानी पीने के लिए वाटर कूलर, टंकियां हैं। मगर अधिकतर अभिभावकों को अभी भी कोरोना का डर है। इस कारण बच्चों को समझाकर भेजते है कि सार्वजनिक स्थान वाला पानी या खाद्य पदार्थ नहीं खाने। इस कारण भी बच्चे भूखे-प्यासे स्कूल में रहने को मजबूर है।
इस सप्ताह 44 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 20 अप्रैल तक लगातार तापमान में बढ़ोतरी होगी। इसी को लेकर हरियाणा में येलो अलर्ट भी जारी किया है। 20 अप्रैल तक तापमान 43 से 44 डिग्री तक बढ़ सकता है। न्यूनतम तापमान भी बढ़ेगा। न्यूनतम तापमान 26 डिग्री पहुंचने की संभावना जताई गई है। ऐसा मौसम बच्चों की सेहत के साथ-साथ बड़ों के लिए भी जानलेवा हो सकता है।
ये रखें बच्चों के लिए सावधानी
- बच्चों को सुबह खाली पेट स्कूल न भेजें, दोपहर का भोजन व पानी साथ दें।
- लू से बचाव के लिए हल्के कपड़े व पूरे शरीर पर कपड़े पहनाएं।
- बच्चों को बार-बार पानी पीने के लिए बोलें, हल्का खाना खिलाएं।
- दोपहर में स्कूल से घर लाते समय सिर पर कपड़ा ढकें, खुली धूप में न आने जाने दें।
- हल्का बुखार आने व बार बार गला सूखने पर चिकित्सक से सलाह लें।
- तेज धूप से आने के बाद अचानक ठंडी चीजे न खिलाएं, न पिलाएं।
वर्जन
मौसम का सीधा असर बच्चों की सेहत पर पड़ता है। इसलिए गर्मी के मौसम में इस समय अधिकतर बच्चे डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं, जिनमें पानी की कमी और बुखार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। अगर समय रहते बच्चे को उपचार नहीं मिलता है तो फिर उनकी जान पर भी खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अभिभावक खास तौर पर बच्चों की सेहत का ध्यान रखें और उनके खान-पान में भी मौसम के लिहाज से बदलाव जरूर करें। बच्चों के शरीर में पानी की कमी न होने दे।
-डॉ. राज महता, बाल रोग विशेषज्ञ।
लू के थपेड़ों से दुधारू पशुओं की सेहत भी बिगड़ी, 20 फीसदी घटा दूध
पारा चढने का सीधा असर दुधारू पशुओं की सेहत पर भी पड़ा है। दुधारू पशुओं का दूध लगातार कम होता जा रहा है। पशु चिकित्सकों के अनुसार अभी तो गर्मी की शुरुआत भर है और अभी से पशुओं का दूध 20 फीसदी तक कम हो गया है। डिहाइड्रेशन के शिकार पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में दुधारू पशुओं का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
ये रखें पशुपालक सावधानी
- सूखा तूड़ा 30 फीसदी और 70 फीसरी हरा चारा खिलाएं।
- ताजा तूड़ा खिलाने से पहले उसे शाम के समय भिखोकर रखें, सुबह खिलाएं।
- सुबह और शाम तालाब में करीब एक घंटे तक नहलाएं, दोपहर में जोहड़ में न ले जाएं।
- पेड़ों की छांव में पशुओं को बांधें तो आसपास पानी का छिड़काव रखें।
- तीन से चार बार पानी पिलाएं, शरीर पर भी पानी का कई बार छिड़काव करें
- ताजा तूड़ा खिलाने से पशुओं में गोबर बंद यानी संक्रमण का खतरा रहता है।
वर्जन
अधिक गर्म मौसम की वजह से पशुओं में डिहाइड्रेशन की शिकायतें आ रही हैं। जैसे-जैसे मौसम ज्यादा गर्म होगा भैसों व काले रंग के पशुओं में इसका सबसे अधिक खतरा बनेगा। पशुओं में बुखार और 20 फीसदी तक दूध घटने की समस्या बनी हैं, इसलिए सावधानी रखने में ही बचाव है।
-डॉ. विजय सनसनवाल, पशु चिकित्सक, पशु अस्पताल बलियाली।