हरियाणा बोर्ड भिवानी के अध्यक्ष डाॅ. वीपी यादव।
भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने नकल पर नकेल के लिए नई तकनीक का सफलतम प्रयोग कर अच्छे परिणाम दिए। इसी के नतीजतन हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को अब स्कॉच अवॉर्ड मिलेगा। ये अवॉर्ड दिल्ली में 13 जुलाई को होने वाले राष्ट्रीय स्कॉच सम्मान समारोह में दिया जाएगा।
बुधवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. वीपी यादव ने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि बोर्ड की परीक्षाओं में नकल रोकने एवं पारदर्शिता लाने के लिए अपनाई गई नई तकनीक क्यू-आर कोड व अल्फा न्यूमेरिक कोड के लिए बहुचर्चित स्कॉच ग्रुप द्वारा राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित सर्वोच्च स्कॉच अवॉर्ड से नवाजा गया है।
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि स्कॉच ग्रुप भारत का एक सच्चा स्वतंत्र सम्मान है, जो अपनी कठोर और स्वतंत्र परिणाम आधारित मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए जाना जाता है। डॉ. यादव ने बताया कि शिक्षा बोर्ड की इतिहास में पहली बार परीक्षाओं में किए गए सुधारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर स्कॉच अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों की वजह से हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड आज देश के अग्रणी शिक्षा बोर्डों की पंक्ति में अपनी जगह बनाने में सफल हुआ है।
बोर्ड ने नकल रोकने के लिए ये उठाए थे कदम
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में नकल रोकने के लिए प्रश्नपत्र प्रणाली में बड़ा बदलाव किया था। बोर्ड ने प्रश्नपत्र में क्यूआर कोड और हिडन फीचर्स दिए थे। इससे कोई भी प्रश्नपत्र अगर परीक्षा केंद्र से बाहर जाता तो उस पर अंकित रोल नंबर से उस प्रश्नपत्र के क्यूआर कोड और हिडन फीचर्स से बोर्ड अधिकारियों को तुरंत यह पता लग जाता कि ये प्रश्नपत्र किस परीक्षा केंद्र के अंदर किस विद्यार्थी ने आउट किया है। बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर इसी आधुनिक तकनीक के जरिए प्रश्नपत्र को आउट करने के चंद मिनटों बाद ही पकड़ा भी था और एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इसके बाद से नकल के मामलों में अंकुश लगा था।