हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं गुरुवार को समाप्त हो गई। परीक्षाओं की समाप्ति के साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं की जांचने का कार्य शुरू हो गया है। इस बार शिक्षकों को 30-30 नहीं, बल्कि 40-40 उत्तर पुस्तिकाएं जांचनी होगी। बोर्ड अधिकारियों ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए करीब 13 हजार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है। ये शिक्षक 109 केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करेंगे। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच का कार्य 18 दिन में होगा।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह एवं सचिव कृष्ण कुमार ने बताया कि 30 मार्च से 27 अप्रैल तक चली 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया है। 10वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए 8083 एवं 12वीं के लिए 5096 प्राध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रदेशभर में 10वीं की परीक्षाओं के लिए 70 एवं 12वीं की परीक्षा के लिए 39 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। 20 मई तक 18 दिनों में मूल्यांकन का कार्य संपन्न कर लिया जाएगा।
बोर्ड चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह एवं सचिव कृष्ण कुमार ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर बोर्ड ने एक विशेष प्रणाली को अपनाते हुए मूल्यांकन से पूर्व मूल्यांकन केंद्रों पर पहले दिन मॉक मार्किंग टेस्ट किया। मॉक टेस्ट में प्रत्येक कोड की चार-चार उत्तरपुस्तिकाओं की परीक्षकों से जांच करवाते हुए सभी परीक्षकों द्वारा दिए अंकों का अनुपात निकालकर ही अंक दिए गए। अंकन कार्य मॉक मार्किंग टेस्ट नियमानुसार व जारी हिदायतों अनुसार कराए गए।
इन कापियों के मूल्यांकन के बाद सबने इन कापियों का विश्लेषण किया। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि इस खाके के विश्लेषण से ये होगा कि इन कापियों में किसने इस प्रश्न के कितने नंबर दिए और क्यों दिए। विद्यार्थियों के हित को देखते हुए बोर्ड ने ये प्रणाली अपनाई हैं।
बोर्ड चेयरमैन ने बताया कि प्रत्येक मूल्यांकन केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मूल्यांकन कार्य को बोर्ड के अधिकारी मुख्यालय पर लाइव देख सकेंगे। साथ ही केंद्रों की निगरानी के लिए जिला स्तर पर विशेष उड़नदस्तों का गठन किया गया है।
चेयरमैन ने बताया कि 30 मार्च से शुरू होकर 27 अप्रैल तक चली 10वीं व 12वीं की वार्षिक परीक्षाएं प्रदेश भर में कुल 1547 परीक्षा केंद्रों पर आयेाजित हुई थी, जिसमें 668589 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें तीन लाख 68 हजार 498 लड़के एवं तीन लाख 91 लड़कियां थी। चेयरमैन ने बताया कि 10वीं की परीक्षा में 378452, जिसमें ओपन विद्यालय के 42072 और 12वीं की परीक्षा में 290137 परीक्षार्थी थे। ओपन विद्यालय के 38752 परीक्षार्थी थे। डॉ. जगबीर सिंह ने बताया कि परीक्षा के दौरान नकल के लगभग 3602 मामले दर्ज किए गए। वहीं, परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने वाले एक केंद्र अधीक्षक, एक उपकेंद्र अधीक्षक, 114 पर्यवेक्षक, पांच लिपिक तथा एक सेवादार को रिलीव किया गया।