भिवानी। ओवरलोड वाहन चालकों को सरकारी गाड़ियों में धोखे से जीपीएस लगाकर अवैध रूप से व्हाट्सएप ग्रुप में आरटीए टीम की लोकेशन की जानकारी देने का मामला सामने आया है। प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के मोटर व्हीकल ऑफिसर ने मामले की शिकायत सिटी पुलिस थाने में दी है। पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, राजस्व का नुकसान कराए जाने का केस दर्ज किया है।
शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण भिवानी के मोटर व्हीकल ऑफिसर निरीक्षक सोनू ने बताया कि दो सरकारी गाड़ियों में अवैध रूप से जीपीएस डिवाइस लगाई गई हैं। इसकी जानकारी सरकारी गाड़ियों के चालक गजे सिंह, चालक अरविंद व चालक दीपक ने दी। इस मौके पर एचसी जोगेंद्र व फोटोग्राफर रामकिशन ने भी अवगत कराया। सरकारी गाड़ियों में बोनट के नीचे व स्टीयरिंग के नीचे भी अवैध रूप से जीपीएस डिवाइस लगाई गई थीं, जिसकी जानकारी किसी को नहीं थी। गाड़ियों में लगी अवैध जीपीएस डिवाइस की वीडियोग्राफी कराई गई व फोटो भी खींचे गए। मुखबिर से जानकारी मिली कि सुनील उर्फ सोनू निवासी मिरान व अजीत उर्फ कालिया निवासी ब्रजवासी कॉलोनी दिनोद रोड भिवानी ने मिलकर ये अवैध जीपीएस डिवाइस सरकारी गाड़ियों में लगाई है। ये लोग अपने फायदे के लिए ओवरलोड वाहन चालकों के व्हाट्सएप ग्र्रुप बनाए हुए हैं, जिन्हें आरटीए टीम की गाड़ियों की लोकेशन की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। दोनों आरोपी अवैध वाहनों व ओवरलोड वाहनों को आरटीए टीम की पहले ही जानकारी देकर सरकारी राजस्व को घाटा पहुंचाने और धोखाधड़ी कर रहे हैं। वहीं सरकारी गाड़ियों में अवैध तरीके से जीपीएस लगाकर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई है। मामले की शिकायत पुलिस को दी।
तहकीकात की जा रही है
निरीक्षक सोनू की शिकायत पर आरोपी सुनील उर्फ सोनू निवासी मिरान व अजीत उर्फ कालिया निवासी दिनोद रोड के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं व सरकारी कार्य में बाधा डालने पर केस दर्ज हुआ है। फिलहाल पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- रवींद्र कुमार, शहर पुलिस थाना प्रभारी, भिवानी।