भिवानी। तीसरी लहर की समाप्ति के बाद पिछले 15 दिन से जिले में एक बार फिर कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने लगा है। पिछले 15 दिन में 23 मरीज सामने आ चुके हैं। अब कोरोना का कौन सा वैरिएंट जिले में एक्टिव हुआ है, इसका खुलासा जीनोम सिक्वेंसिंग टेस्ट के बाद होगा, जिसके लिये स्वास्थ्य विभाग 12 मई को सैंपल रोहतक पीजीआईएमएस भेजेगा। सैंपल जाने के करीब सप्ताह भर बाद तक रिपोर्ट आएगी। वैरिएंट का पता लगने के बाद ही संक्रमित मरीजों का सही तरीके से इलाज हो सकेगा। हालांकि अभी कोराना संक्रमण मानकर ही मरीजों को एंटी बायोटिक, एंटी एलर्जिक व अन्य दवाइयां दी जा रही हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने 26 अप्रैल को जीनोम सिक्वेंसिंग टेस्ट के लिए सैंपल भेजे थे, जिनमें तीसरी लहर में संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। साथ ही इन सैंपल में अन्य कोई वैरिएंट न होने की भी जानकारी पोर्टल पर डाली गई थी। अब आगामी सैंपल के बाद ही कोरोना के वैरिएंट की पुष्टि हो पाएगी।
क्या है जीनोम सिक्वेंसिंग -
जीनोम सिक्वेंसिंग किसी वायरस का बायोडाटा होता है। वायरस कैसा है, किस तरह दिखता है, इसकी जानकारी जीनोम से मिलती है। इसी वायरस के विशाल समूह को जीनोम कहा जाता है। वायरस के बारे में जानने की विधि को जीनोम सिक्वेंसिंग कहते हैं। इससे ही कोरोना के नए स्ट्रेन के बारे में पता चला है।
अब नहीं भेजने होंगे दिल्ली सैंपल -
जिले में फिलहाल जीनोम सिक्वेंसिंग सैंपल की जांच के लिए वायरोलॉजी लैब नहीं है। ऐसे में कोरोना की पहली, दूसरी और अधिकांश तीसरी लहर में भी जीनोम सिक्वेंसिंग सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे जाते थे, जिनकी जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को खर्च भी अधिक आता था। मगर अब इन सैंपल की जांच के लिए स्वास्थ्य निदेशालय ने पीजीआईएमएस रोहतक में ही वायरोलॉजी लैब की सुविधा कर दी है। अब पड़ोसी जिला से ही जीनोम सिक्वेंसिंग सैंपल की जांच करवाई जा रही है। इससे समय और रुपये दोनों का बचत होगी।
महीने में दो बार सैंपल भेजने की आदेश -
स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से जिला स्वास्थ्य विभाग को कोरोना वैरिएंट की पुष्टि के लिए सैंपल भेजने लेने के आदेश दिए गए हैं। इसी के तहत कोरोना संक्रमित मरीजों के जीनोम सिक्वेंसिंग सैंपल जांच के लिए वायरोलॉजी लैब भेजे जा रहे हैं। इन सैंपल को लेकर स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जिला मुख्यालय से माह में सिर्फ दो बार ही सैंपल का स्लॉट भेजा जाएगा, ताकि सीमित सैंपल की समय पर जांच हो सके । एक स्लॉट में 10 से 15 सैंपल ही भेजे जाने हैं। कोई भी इससे अधिक और तय समय से पहले सैंपल नहीं भेज सकता। अगर कोई ऐसा करता है कि उक्त जिला के सैंपल की रिपोर्ट आने में देरी हो सकती है।
कोरोना संक्रमित, स्वस्थ और सैंपल की आंकड़े :
दिनांक संक्रमित स्वस्थ सैंपल
26 अप्रैल 02 00 400
27 अप्रैल 01 00 450
28 अप्रैल 03 00 600
29 अप्रैल 01 00 500
30 अप्रैल 00 00 550
01 मई 00 00 130
02 मई 01 00 650
03 मई 06 02 160
04 मई 00 04 670
05 मई 00 00 700
06 मई 01 00 720
07 मई 01 03 500
08 मई 00 00 135
09 मई 01 00 950
10 मई 06 01 820
वर्जन:
कोरोना संक्रमण की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिक अस्पताल सहित प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर सैंपलिंग की व्यवस्था की हुई है। इन सैंपल की जांच भी नागरिक अस्पताल में बनाई गई कोरोना सैंपल जांच लैब बनाई हुई है। हालांकि जीनोम सिक्वेंसिंग सैंपल की जांच के सैंपल पीजीआईएमएस रोहतक भेजे जा रहे है।
- डॉ. शिवकुमार कौशिक, उप सिविल सर्जन कम डीएसओ।
वर्जन:
कोरोना संक्रमण की चौथी लहर की संभावनाएं जताई जा रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर सैंपलिंग और वैक्सीनेशन की सुविधा है। नागरिकों से अपील है कि कोरोना सुरक्षा नियमों का पालन करें और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से परहेज करें।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।