भिवानी। पानी में मच्छर के पनपने से पहले गंबूजिया मछलियां लारवा को निगल जाएंगी। जिलेभर में 164 निगरानी कमेटियां भी मलेरिया मच्छर के डंक पर पैनी नजर रखेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में 294 तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी है। वहीं 30 रैपिड रिस्पांस टीमें भी पीएचसी-सीएचसी स्तर पर गठित कर दी हैं। इसी के साथ जिला मुख्यालय के अस्पताल सहित सब डिविजनल अस्पताल और सीएचसी में 74 बेडों की भी व्यवस्था करा दी है। एक मई से लेकर अक्तूबर तक स्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में रैपिड फीवर सर्वे भी चलाएगा। वहीं शहर में नगर परिषद और गांवों में ग्राम पंचायतों के साथ मिलकर दवा छिड़काव का अभियान भी चलाया जाएगा।
भिवानी जिले में पिछले साल एक मलेरिया पॉजिटिव केस सामने आया था। जबकि डेंगू के 278 पॉजिटिव केस मिले थे। लेकिन इस बार मलेरिया का आंकड़ा आगे न बढ़े, इस पर भी विभाग का फोकस रहेगा। इनदिनों में मच्छर का लारवा अब पनपने लगता है। इसी को लेकर जिलेभर के 294 मुख्य तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ी गई हैं। इस मछली की खुराक मच्छर का लारवा ही है। ऐसे में ये मछली मच्छर पनपने से पहले ही लारवा का खात्मा कर देती है। इससे मच्छरों की कॉलोनी विकसित होने से पहले ही खत्म हो जाती है। जिलेभर में स्वास्थ्य विभाग की 164 सर्विलांस टीमें भी काम पर लगी हैं। इनमें एमपीएचडब्ल्यू स्तर के स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं, जो मलेरिया के मामलों पर निगरानी रखेंगे।
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पीएचसी स्तर से लेकर जिला मुख्यालय पर आज निकाली जाएगी जागरुकता रैली
विश्व मलेरिया दिवस पर वीरवार को पीएचसी स्तर से लेकर जिला मुख्यालय स्तर पर जागरुकता रैली निकालेगा। इसमें स्कूली बच्चे जागारुकता रैली निकाल मच्छर पैदा नहीं होने देने के प्रति भी जागरूक करेंगे और घर व अपने आसपास के माहौल में पानी का ठहराव नहीं होने देंगे। जिला मुख्यालय पर भी पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं द्वारा जागरुकता रैली निकाली जाएगी।
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मच्छर जनित से हाेने से वाली बीमारियां
- मलेरिया।
- डेंगू बुखार।
- जीका वायरस।
- लाइम रोग।
- चिकनगुनिया।
मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के उपाय
- कूलर की सफाई नियमित रूप से करें।
- गमले में पानी जमा न होने दें।
- पानी की टंकी की सफाई समय पर करें।
- फुल बाजू के कपड़े पहनें।
- घर व आसपास की जगह की साफ सफाई करें।
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भिवानी में पिछले पांच साल के केस
साल मलेरिया केस डेंगू केस चिकनगुनिया केस
2019 3 13 0
2020 1 49 0
2021 0 356 0
2022 1 123 0
2023 1 278 0
2024 0 0 0
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भिवानी जिले में मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिले में 164 निगरानी कमेटियों के अलावा 30 रैपिड रिस्पांस टीमें बनाई गई हैं। इसके अलावा मई से अक्तूबर तक रैपिड फीवर सर्वे भी चलेगा। जिला नागरिक अस्पताल में 36 बेड मलेरिया के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि पांच-पांच बेड सब डिविजनल अस्पताल और तीन-तीन बेड सीएचसी स्तर पर तैयार कराए गए हैं। मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा और लोगों को मच्छर जनित बीमारियों के प्रति आगाह कर उनकी रोकथाम के लिए भी प्रेरित करेंगे।
-डॉ रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।