भिवानी। जिले में जलभराव से किसानों को मुक्ति दिलाने के सिंचाई विभाग के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। जताई, धनाना, तिगड़ाना, प्रेमनगर, पुर, सिवाड़ा, तालू, मुंढाल, कुंगड़, भैणी समेत कई गांवों में बारिश का पानी जमा होने से करीब 350 एकड़ खेती योग्य भूमि तालाब बन गई है, जिससे धान की रोपाई नहीं हो पा रही है।
ड्रेनों के ओवरफ्लो होने और पानी की निकासी न होने के कारण स्थिति और गंभीर होती जा रही है। बवानीखेड़ा और मुंढाल क्षेत्र में हर साल करीब 700 एकड़ में धान की खेती होती है, क्योंकि यहां भू जलस्तर (चौवा) 10 फीट तक नीचे होने के कारण दूसरी फसलें मानसून में बर्बाद हो जाती हैं। इसीलिए किसान धान की फसल को प्राथमिकता देते हैं। इस बार जुलाई में सामान्य से अधिक वर्षा होने से खेतों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया है।
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि 20 जुलाई तक धान की रोपाई का उपयुक्त समय है। अगर जल निकासी जल्द नहीं हुई, तो फसल की रोपाई संभव नहीं होगी, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। साथ ही अगली फसल पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।
सिंचाई विभाग की ओर से बारिश के पानी की निकासी के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाएं लागू की गई थीं, लेकिन धरातल पर असर दिखाई नहीं दे रहा है। किसानों ने मांग की है कि जलभराव की समस्या का तुरंत समाधान किया जाए, ताकि समय पर फसल की बुआई कर सकें।
सिर्फ ड्रेनों की सफाई तक सिमटी विभाग की मानसून तैयारियां
सिंचाई विभाग का दावा था कि जून में किसानों को उनके खेतों से जलभराव से मुक्ति दिलाने की पूरी तैयारी की गई, लेकिन विभाग सिर्फ ड्रेनों की सफाई करवाने तक ही सीमित रहा। पानी निकासी के लिए पंपिंग स्टेशनों में मोटरें नहीं लगाई गईं। अगर कहीं मोटरें लगाईं तो बिजली कनेक्शन नहीं किए गए। ऐसे में यदि ज्यादा बारिश होती है तो किसानों की फसलें प्रभावित होना तय है।
ओवरफ्लो होकर टूटने की कगार पर हैं ड्रेन
बारिश के पानी की निकासी न होने से लगभग सभी ड्रेन ओवरफ्लो हो चुकी हैं। ओवरफ्लो होने के कारण ड्रेनों के किनारे कमजोर हो गए हैं, जिसके कारण ड्रेन टूटने के कगार पर हैं। ड्रेन टूटने से खेतों में बसी आबादी व जिन क्षेत्रों में फसलों की बिजाई की गई है, वे सभी प्रभावित होने की आशंका है। ड्रेनों को टूटने से बचाने के लिए किसान अपने स्तर पर प्लास्टिक के कट्टों में बालू रेत किनारों पर लगा रहे हैं।
ये ड्रेनें हो चुकी हैं ओवरफ्लो
- मित्ताथल से होकर तिगड़ाना, प्रेमनगर जाने वाली ड्रेन
- धनाना से निगाना फीडर तक जाने वाली ड्रेन
- सुखपुरा से मुंढाल की तरफ जाने वाली ड्रेन
- गांव पुट्ठी, समैण, सिंघवा, मुंढाल जाने वाली ड्रेन
- तालू से पुर गांव की तरफ जाने वाली ड्रेन
- गांव कुंगड़ से सुंदर नहर तक जाने वाली ड्रेन
- रामुपुरा से गुजरने वाली भिवानी घग्गर ड्रेन
- जताई से सुखपुरा जाने वाली ड्रेन
हाल ही में मैंने खुद ड्रेन का निरीक्षण किया था। इनके ओवरफ्लो होने से जलभराव हो रहा है। मैंने अधिकारियों को समस्या के समाधान के आदेश दिए थे। अब हलके में हर जगह से बारिश के पानी की निकासी करवाई जाएगी। किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - कपूर सिंह वाल्मीकि, विधायक, बवानीखेड़ा।