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Bhiwani News: बीमा घोटाले की जांच और मुआवजा की मांग के लिए लोहारू में किसानों का महापड़ाव

Wed, 16 Jul 2025 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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लोहारू किसान हित में शुरू किए गए अनिश्चितकालीन महापड़ाव में नारेबाजी करते किसान। 
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लोहारू। खरीफ फसल 2023 के कथित 350 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम घोटाले की जांच और किसानों के मुआवजे व अन्य मांगों को लेकर बुधवार को लोहारू में किसानों ने प्रदर्शन किया। भाकियू टिकैत, भाकियू घासीराम नैन, चढ़ूनी ग्रुप, किसान मजदूर शोषण मुक्ति मोर्चा, भारतीय किसान यूनियन भिवानी और संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान एकजुट होकर सरकार के खिलाफ गरजे और एसडीएम कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू कर दिया।
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इससे पहले किसानों ने लाल बहादुर शास्त्री पार्क में पंचायत की और शहर में प्रदर्शन करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री और शहीद महावीर सिंह की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित किए। सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के नेता कॉमरेड इंद्रजीत सिंह, रवि आजाद, सुमित दलाल, कॉमरेड ओमप्रकाश व मास्टर जग रोशन समेत अन्य नेताओं ने कहा कि सरकार बीमा घोटाले की जांच नहीं करवा रही जिससे उसकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीमा कंपनी ने कृषि कल्याण विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से भिवानी में 200 करोड़ और दादरी में 150 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। फसल बर्बादी के बावजूद किसानों को कोई मुआवजा नहीं दिया गया। पहले भी किसान इस मुद्दे को प्रशासन के माध्यम से सरकार तक पहुंचा चुके हैं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसान महापड़ाव में रामफल देशवाल, कविता आर्य, दयानंद पूनिया, मेवा सिंह आर्य, पृथ्वी सिंह, डॉ. बलबीर ठाकन समेत अनेक किसान नेता उपस्थित रहे। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, वे अपने संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे और धरना जारी रहेगा।
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किसानों की 13 प्रमुख मांगें
किसान नेता रवि आजाद ने बताया कि प्रदर्शनकारी किसान कुल 13 मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इनमें 2022-23 के दौरान भिवानी और दादरी जिलों में किसानों के 472 करोड़ रुपये के बकाया मुआवजे की अदायगी, फरवरी 2025 में ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति का मुआवजा, बकाया बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन की स्वीकृति, बढ़ाई गई बिजली दरें वापस लेना, टावर और पाइपलाइन बिछाने के एवज में किसानों को उचित मुआवजा, खाद की नियमित आपूर्ति, नहरी पानी की सुविधा, बिजली निजीकरण और स्मार्ट मीटर योजना को रद्द करना शामिल हैं।
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