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किसानों ने मनाया विश्वासघात दिवस, सरकार का पुतला फूंका

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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते किसान संगठनों के लोग। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को विश्वासघात दिवस के तहत जिले में किसानों ने नेहरू पार्क में एक जनसभा की। इसके बाद प्रदर्शन कर सरकार का पुतला फूंका।
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जनसभा की अध्यक्षता मा. शेर सिंह, कामरेड जिले सिंह, जोगेंद्र तालू, राजबाला धनाना, संतोष देशवाल, महेंद्र श्योराण, सुभाष यादव व बलबीर बजाड़ के संयुक्त अध्यक्ष मंडल ने की। जनसभा में उपस्थित किसान नेता कामरेेड ओमप्रकाश, करतार ग्रेवाल, कमल सिंह प्रधान, रोहताश सैनी, दलीप सिंह सांगवान, गंगाराम श्योराण, राकेश आर्य, मा. जगरोशन, बिमला घणघस, मेवा सिंह आर्य, कर्ण सिंह जैनावास, सूबेदार घनपत, राजसिंह जताई, संदीप मल्हान, मा. वजीर सिंह, कुलदीप, राज सिंह धनाना, ममता न कहा कि केंद्र सरकार ने साल भर चले किसान आंदोलन के चलते तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया था। शेष स्वीकृत मांगों के लिखित आश्वासन दिए जाने के उपरांत संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आंदोलन निलंबित कर दिया गया था। सरकार ने अभी तक किसी भी पक्ष पर स्वीकार की गई, अन्य मांगों को लागू करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसलिए देश भर में आज विश्वासघात दिवस मनाया गया।
किसानों ने मांग की कि सरकार आंदोलनकारियों पर बनाए गए सभी मुकदमे वापस ले। आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवारों को मुआवजा व रोजगार दिया जाए। प्रदेश में खराब हुई फसलों का मुआवजा और क्लेम दिया जाए। जलभराव वाली भूमि की तत्काल गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिया जाए। किसान को खाद उपलब्ध कराई जाए। खाद की ब्लैक मार्केटिंग को रोका जाए। आवारा पशुओं की रोकथाम के प्रभावशाली कदम उठाए जाएं। पशु मेलों को दोबारा शुरू किया जाए। एमएसपी कानून को तुरंत लागू किया जाए। हरियाणा विधानसभा द्वारा भूमि अधिग्रहण कानून 2013 में किए गए संशोधनों को वापस लिया जाए। आंदोलनों में संपत्ति क्षतिपूर्ति वसूली अधिनियम को निरस्त किया जाए।
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बाद में किसानों ने शहर के हांसी गेट, पुराना बस स्टैंड, रेडक्रॉस भवन/पंचायत भवन होते हुए सचिवालय पहुंचकर राष्ट्रपति और राज्यपाल हरियाणा के नाम दो ज्ञापन उपायुक्त को दिए। सरकार पर विश्वासघात करने पर भारत सरकार का पुतला फूंका गया।
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