भिवानी। कोरोना का चक्रव्यूह तोड़ने के लिए जिले में नौ महीने से टीकाकरण अभियान जारी है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग बनाए गए लक्ष्य से अभी तक 15 फीसदी को पहली और 69 फीसदी को दूसरी डोज नहीं लगा पाया है। विभाग की ओर से नागरिक अस्पताल सहित 125 स्थायी केंद्रों पर कोरोनारोधी वैक्सीन लगा रहा है। लेकिन जागरूकता की कमी के कारण हमारा सुरक्षा कवच टूट रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में 16 जनवरी को वैक्सीन का टीकाकरण अभियान शुरू किया था। विभाग ने जिले में कुल 855732 लाभार्थियों को टीकाकरण करने का लक्ष्य लिया था, जिनमेें से अब तक 724314 यानी 85 फीसदी को पहली और 265863 यानी 31 फीसदी को दूसरी डोज लगाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने 5530 स्वास्थ्यकर्मियों को टीकाकरण करने का लक्ष्य लिया था, जिनमें से 5647 को पहली और 5378 को दूसरी डोज लग चुकी है। वहीं 5143 फ्रंट लाइन वर्कर्स में से 5131 को पहली और 4823 को दूसरी डोज लगाई गई है। विभाग ने 18 से 44 आयु वर्ग के 542578 लाभार्थियों में से 445391 को पहली और 104123 को दूसरी डोज लगाई है। इसी तरह 45 से 60 आयु वर्ग के 180234 लाभार्थियों में से 151724 को पहली और 74694 को दूसरी डोज लगाई है। वहीं, 60 साल से अधिक आयु के 122247 बुजुर्गों में से 116421 को पहली और 76845 को दूसरी डोज लगाई है।
कोरोना केस कम होने पर लापरवाही कर रहे लोग
जिले में फिलहाल कोरोना संक्रमण का एक भी केस नहीं है। जिसकी वजह से जिला कोरोना संक्रमण से सुरक्षित है। कोरोना के केस कम होते ही वैक्सीनेशन अभियान भी धीमा पड़ गया। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिक अस्पताल के वार रूम सहित 125 केंद्रों पर टीकाकरण किया गया। शनिवार को कुल 1709 नागरिकों को टीकाकरण किया, जिनमें से 592 को पहली और 1117 को दूसरी डोज लगाई है। कोरोना संक्रमण के दौरान रोजाना 10 से 15 हजार लाभार्थियों को टीकाकरण होता था। ऐसे में कोरोना के केस कम होते ही अभियान भी प्रभावित हो गया।
स्वास्थ्य विभाग का वैक्सीनेशन अभियान लगातार जारी है। कोरोना के केस कम होने पर लोग वैक्सीनेशन में कम रुचि ले रहे हैं। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग का जागरूकता अभियान भी जारी है। वैक्सीन पूर्ण रूप से सुरक्षित है। नागरिकों से अपील है कि समय वैक्सीन जरूर लगवाएंगे।
- डॉ. आशीष सांगवान, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी