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जिला नागरिक अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ ने दिया इस्तीफा

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नवनीत शर्मा
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भिवानी। जिले में नए चिकित्सकों की भर्ती नहीं की जा रही है। वहीं, जो डॉक्टर हैं, वे त्यागपत्र दे रहे हैं। पिछले दो साल में जिले के तीन डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं। तीन जुुलाई को जिला नागरिक अस्पताल में तैनात ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनंत बासौतिया ने इस्तीफा दे दिया। अब जिले में एक ही नाक, कान और गला (ईएनटी) विशेषज्ञ डॉ. बृजेंद्र सिंह बचे हैं। इनकी सप्ताह में तीन दिन ओपीडी, दो दिन ओटी और एक दिन चरखी दादरी में ड्यटी रहती है।
इनके अलावा अस्पताल में तैनात एक महिला रोग विशेषज्ञ लंबी छुट्टी पर चल रही हैं। साथ ही जिले की महज एक बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रीटा सिसोदिया मातृत्व अवकाश पर चली गई हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण की आशंकित तीसरी लहर में अगर बच्चे संक्रमित हो जाते है तो उनके उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास कोई भी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है।
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लगातार कम हो रहे रोग विशेषज्ञ चिकित्सक
अस्पताल पहले ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी झेल रहा है। इसी वजह से अस्पताल में अनेक रोगों के चिकित्सक नहीं है। अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक, न्यूरो विशेषज्ञ नहीं है। अब अन्य रोगों के विशेष चिकित्सकों की भी कमी होती जा रही हैं। रोजाना औसतन 1300 से 1500 की ओपीडी रहती है। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ के महज एक-एक ही चिकित्सक हैं।
आपातकालीन ड्यूटी के नाम पर कर रहे परेशान
रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों से ओपीडी, ऑपरेशन के साथ-साथ आपातकालीन ड्यूटी करवाई जा रही है, जबकि विशेषज्ञ चिकित्सक की ऑनकॉल ड्यूटी रहती हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा इसको लेकर दलील दी जा रही है कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के चलते रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों से आपातकालीन ड्यूटी करवाई जा रही है। रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी आपातकालीन विभाग होने की वजह से ओपीडी में आने वाले मरीजों को परेशानी हो रही है। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार काम के बोझ के चलते ही डॉक्टर इस्तीफा दे रहे हैं।
तीन ने दिया त्याग पत्र, दो गए छुुट्टी पर
अस्पताल में दो साल फिजिशियन डॉ. नितेश गोयल, पिछले साल बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राज महता और तीन जुलाई को ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अनंत बासौतिया ने त्यागपत्र दिया है। इनमें से दो ने अपना खुद का अस्पताल शुरू कर लिया और एक निजी अस्पताल में नौकरी कर रहे हैं। इसके अलावा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आज्ञा लंबी छुट्टी पर चल रही हैं और जिले की महज एक बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रीटा मातृत्व अवकाश पर गई हैं। ऐसे में जिला नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी हो रही है। (संवाद)
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अस्पताल में चिकित्सकों की पदों की जानकारी
पद स्वीकृत पद कार्यरत रिक्त पद
एसएमओ 08 03 05
एमओ 66 26 40
मुझे नहीं मिला इस्तीफा
जिले में चिकित्सकों की कमी के बारे में स्वास्थ्य महानिदेशालय को कई बार मांगपत्र भेजा जा चुका है। हाल ही में जिले की महज एक बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रीटा मातृत्व अवकाश पर गई हैं। कोरोना संक्रमण की आशंकित तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य महानिदेशालय से जल्द से जल्द बाल रोग विशेषज्ञ मुहैया करवाने की मांग की हैं। अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हों इसके लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्य कर रहा है। वही ईएनटी विशेषज्ञ का त्यागपत्र मेरे पास नहीं आया है।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी।
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