भिवानी। शहर के सरकुलर रोड स्थित एक निजी स्कूल के समीप बेसुध हालत में एक बुजुर्ग पड़ा मिला। इसे नागरिक अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां पहुंचते ही बुजुर्ग ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं मामले की सूचना पुलिस को दी।
पुलिस को दी शिकायत में वाल्मीकि बस्ती नजदीक रविदास मंदिर निवासी अमन ने बताया कि वह नागरिक अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी है। वे चार भाई हैं। सबसे बड़ा वह खुद है और उसे छोटा अंकित, तीसरे नंबर पर अंशुल व सबसे छोटा तकदीर है।
उसके पिता ऋषिपाल मेहनत मजदूरी का काम करते थे। उसके पिता को टीबी व शुगर की बीमारी थी। जिसकी वजह से उसके पिता अक्सर बीमार रहते थे। 28 अप्रैल को करीब शाम 6 बजे उसके पापा घर से घूमने के लिए निकले थे और रात को करीब नौ बजे तक उसके पापा घर नहीं आए। उसके बाद उन्होंने उसके पापा को ढूंढा तो उसके पापा बेहोशी की हालत में शहर के एक निजी स्कूल के पास मिले। जिन्हें इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल में लाया गया, जहां उपचार के दौरान ही बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया।
उसने बताया कि उसके पिता की मौत बीमारी की वजह से हुई है। वहीं पुलिस ने बयान दर्ज कर इत्तेफाकिया मौत मामले की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया।