भिवानी। लगातार खनन और अवैध माइनिंग से पहाड़ों का कद घट रहा है। इसकी वजह से पर्वतों की सेहत लगातार बिगड़ रही है। खनन की वजह से घट रहे पहाड़ों के कद के बावजूद सेहत सुधार के नाम पर डाडम में इस सीजन सिर्फ पांच सौ पौधे रोपित हुए हैं। जबकि खानक में एक हेक्टेयर में वन विभाग ने पौधरोपण कराया है। पहाड़ों की ऊंचाई जहां घट रही है वहीं पर्यावरण बदलाव का गहरा असर भी पहाड़ों की सेहत पर देखा जा रहा है। भिवानी जिले में अरावली पर्वत श्रृंखला के दायरे में तोशाम क्षेत्र के खानक और डाडम के पहाड़ आते हैं। इनमें खानक में खनन चालू है वहीं डाडम में एनजीटी के आदेशों से खनन काम बंद पड़ा है।
डाडम पहाड़ करीब 50 एकड़ के दायरे में फैला है। क्षेत्रफल के हिसाब से इसके अधिकतर हिस्से में पिछले करीब 40 सालों से खनन तेजी से बढ़ा है। इसका असर ये देेखा जा रहा है कि केवल एक हिस्से में ही हरियाली का दायरा सिमटकर रह गया है। मौजूदा बरसाती सीजन में वन विभाग ने डाडम में करीब पांच सौ पौधे रोपित कराए हैं। जिनमें से कुछ पौधे तो अपने जीवन का पहला चरण भी पूरा नहीं कर पाए और पानी के अभाव में दम तोड़ गए हैं। जबकि यहां पहले से भी हरियाली बहुत कम हैं। पहाड़ी हिस्से में लगातार मिट्टी खिसक रही हैं, जिससे पौधे भी नष्ट हो जाते हैं। तोशाम क्षेत्र के खानक पहाड़ की सेहत भी अच्छी नहीं है। पहाड़ का दायरा 258.30 हेक्टेयर में फैला है। जहां खनन कार्य भी चल रहा है। पहाड़ में खनन के लिए की गई ब्लास्टिंग के दौरान भी हरियाली वाले दायरे में कंपन से पौधों की जड़े हिल जाती हैं। जबकि यहां पर बरसाती मौसम के दौरान एक हेक्टेयर में वन विभाग ने नए पौधे रोपित किए हैं। पहाड़ों के अस्तित्व को बनाए रखने में पेड़ों का अहम योगदान होता है, इसकी अहमियत हम सब जानते हैं, लेकिन भवन निर्माण सामग्री की बढ़ रही मांग को पूरा करने में पहाड़ों को लगातार काटा जा रहा है। डाडम पहाड़ का खनन क्षेत्रवाला हिस्सा 400 से 500 फुट गहराई तक पहुंच गया है। संवाद
डाडम पहाड़ के अवैध रास्तों पर लगाए नए पौधे
जिन हिस्सों में पिछले कुछ अर्से से खनन के लिए अवैध रास्ते बनाए गए थे, उन पर अब वन विभाग ने नए पौधे रोपित करने का काम शुरू किया है। इन अवैध रास्तों को नए पौधे लगाकर बंद कर दिया है। इसकी वजह से यहां हरियाली को पनपने का माहौल भी तैयार किया जा रहा है। वहीं खानक के संरक्षित इलाके में नए पौधों के जरिए हरियाली को और अधिक गहरा किया जा रहा है, ताकि पहाड़ों की मिट्टी खिसकना रुक सके।
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डाडम पहाड़ पर बरसाती मौसम के दौरान पांच सौ नए पौधे लगाए गए हैं, जबकि खानक पहाड़ वन आरक्षित इलाके के एक हेक्टेयर में नए पौधों का रोपण किया गया है। विभाग पहाड़ी क्षेत्र में वन आरक्षित दायरे में आने वाले इलाके में लगातार हरियाली का दायरा बढ़ाने में लगा है। हर साल नए पौधे भी लगाए जा रहे हैं।
- जयपाल, रैंज फोरेस्ट आफिसर, तोशाम।