डाडम में रेस्क्यू अभियान के आखरी दिन वाहनों का मलबा निकालती जेसीबी। संवाद
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तोशाम। डाडम में पहाड़ दरकने से हुए हादसे के बाद खान सुरक्षा विभाग गाजियाबाद अलर्ट मोड पर आ गया है। गाजियाबाद जोन के निदेशक ने डाडम में डेरा डाल लिया है। अब गाजियाबाद से टीमें आकर खनन सुरक्षा में खामियों का पता लगाने के लिए सर्वे करेंगी। विभाग के साथ ही बाहर की भी टीमें बुलाई जाएंगी। इसके साथ ही जांच की जाएगी कि पहाड़ पर श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे अथवा नहीं?
नए वर्ष की सूरज की रोशनी निकलने के साथ ही डाडम में पहाड़ दरकने से सरकार सकते में आ गई। पहाड़ की बड़ी बड़ी शिलाओं के खिसकने से 5 लोगों की मौत हो चुकी है और दो घायल अवस्था में हैं। रेस्क्यू के दौरान टीम ने मलबे से 9 गाड़ियां व मशीनें निकाली हैं। घटना के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ ने रेस्क्यू अभियान चलाया। आर्मी को भी बुलाया गया। घटना को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इन सवालों के बीच पहाड़ में खनन के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से खामियां साफ दिखाई दे रही हैं। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने भी खामियों होने की बात मानी हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बड़ी बड़ी दरारों और ऊंचे पहाड़ के नीचे से बनाए गए रास्ते किसी भी समय घटना का कारण बन सकते हैं। पहाड़ में आई दरारें कभी भी खिसक कर नीचे गिर गिर सकते हैं और भविष्य में इस तरह की घटना की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।
पहाड़ की ऊंचाई के अनुरूप बनाने चाहिए थे बैंच
खान सुरक्षा विभाग गाजियाबाद जोन के निदेशक रामअवतार मीणा ने कहा कि खनन के दौरान सही तरीके से बैंच नहीं बनाए गए। पहाड़ की ऊंचाई के हिसाब से बैंच बनाकर खनन कार्य किया जाना चाहिए था। डाडम पहाड़ी में खनन सुरक्षा की अनियमितता का संज्ञान नहीं लेने के मामले में उन्होंने कहा कि पोर्टल पर शिकायत मिलने पर ही टीम मौके का जायजा लेती है।
अवैध खनन का मामला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। मामले की जांच और कार्रवाई प्रदेश सरकार द्वारा की जानी चाहिए। हमारी टीमें सर्वे कर कमियों को इंगित किया जाएगा।
रामअवतार मीणा, निदेशक, खान सुरक्षा विभाग