हरियाणा के भिवानी में नगर परिषद घोटाले में नए नए खुलासे हो रहे हैं। पकड़े गए आरोपी ललित और गुलशन उर्फ गोल्डी ने खुलासा किया है कि उनके माध्यम से ढाई करोड़ रुपये फर्जी खाते में ट्रांसफर किए गए थे, जिनके बदले हमें कमीशन दिया गया था। विजिलेंस टीम विनोद के साथ-साथ नगर परिषद के निवर्तमान चेयरमैन के जीजा और पीए की तलाश में है। विनोद ने जिला कोर्ट के बाद हाईकोर्ट में अग्रिम बेल याचिका दायर की थी, जिस पर दो मई को सुनवाई होगी।
दो आरोपी गुलशन और ललित को पकड़ा गया था। दोनों विनोद के जानकार हैं। दोनों के माध्यम से ढाई करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई थी। पूछताछ में यह बात सामने आई है। आरोपी विनोद की अग्रिम बेल याचिका पर सुनवाई अब दो मई को होगी। -डीएसपी कमलजीत सिंह, इंचार्ज, एसआईटी, विजिलेंस
उच्चस्तरीय जांच की मांग को मिला जनसमर्थन
नगर परिषद भिवानी में घोटाले के बाद उच्चस्तरीय जांच की मांग को जनसमर्थन मिलने लगा है। चर्चा है कि कमेटी के खातों से अवैध रूप से निकाली गई 14 करोड़ 71 लाख राशि कब तक पुलिस प्रशासन रिकवर करेगी और इसमें संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी कब तक हो जाएगी। जन संघर्ष समिति भिवानी के सदस्य सीबीआई या हाईकोर्ट के जजों की बनी एसआईटी से उच्चस्तरीय न्यायिक निष्पक्ष जांच के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए शहर में नुक्कड़ सभाएं कर रहे हैं।
समिति से ओमप्रकाश व युवा कल्याण संगठन के संरक्षक कमल प्रधान ने बताया कि उनका उद्देश्य इस घोटाले के सभी आयामों की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच करवाने का है, ताकि जनता से लूटा गया धन वापस कमेटी के खजाने में जमा हो। अवैध कब्जे हटें, दोषी पाए जाने वाले चेहरे जनता के सामने लाकर उन्हें कड़ी सजा मिले। प्रदर्शन में भाग लेने वालों में किसान नेता बलबीर सिंह बजाड़, नरेंद्र घनघस, महाबीर धनाना, ओमप्रकाश दलाल, व्यापार मंडल प्रधान जेपी, कोशिक, युवा कल्यण संगठन के अनिल शेषमा, कर्मचारी नेता रतन जिंदल शामिल थे।