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भिवानी नगर परिषद घोटाला: ललित और गोल्डी के माध्यम से विनोद ने फर्जी खातों में डलवाए थे ढाई करोड़

Mon, 18 Apr 2022 11:19 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)

सार

व्यापारी विनोद की अग्रिम बेल याचिका पर सुनवाई अब दो मई को होगी। आरोपी ललित और गुलशन उर्फ गोल्डी ने खुलासा किया है कि उनके माध्यम से ढाई करोड़ रुपये फर्जी खाते में ट्रांसफर किए गए थे, जिनके बदले कमीशन दिया गया था। 
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भिवानी में नगर परिषद कार्यालय। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के भिवानी में नगर परिषद घोटाले में नए नए खुलासे हो रहे हैं। पकड़े गए आरोपी ललित और गुलशन उर्फ गोल्डी ने खुलासा किया है कि उनके माध्यम से ढाई करोड़ रुपये फर्जी खाते में ट्रांसफर किए गए थे, जिनके बदले हमें कमीशन दिया गया था। विजिलेंस टीम विनोद के साथ-साथ नगर परिषद के निवर्तमान चेयरमैन के जीजा और पीए की तलाश में है। विनोद ने जिला कोर्ट के बाद हाईकोर्ट में अग्रिम बेल याचिका दायर की थी, जिस पर दो मई को सुनवाई होगी। 

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नगर परिषद में सामने आए करोड़ों के चेक घोटाले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस मामले में निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव के अलावा तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव, अकाउंटेंट संजय गोयल, सुरेश कुमार, बैंक मैनेजर नितेश के अलावा पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी रिमांड के बाद जेल में हैं। 

125 लाख रुपये खर्च कर बना चेयरमैन 
सोशल मीडिया पर निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव की एक और आडियो वायरल हो रही है, जिसमें चेयरमैन पद के लिए किसी को 65 लाख तो किसी को 30 लाख, 18 लाख और 12 लाख रुपये देने की बात कही गई है। यानि 125 लाख रुपये खर्च करने के बाद चेयरमैनी मिली है। वायरल ऑडियो में एमपी के टिकट के लिए प्रयास की बात भी सामने आई है। 
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न कोई सेल परचेज हुई न ही बैंक खाता खुला, फिर घाटा कैसे
सुदर्शन जिंदल ने कहा कि कोई भी रिकार्ड जांच सकता है। न मशीन लगी, न सेल-परचेज हुई। यहां तक की बैंक खाता तक नहीं खुला। फिर किस बात की देनदारी। घाटा-मुनाफा तो बिजनेश शुरू होने के बाद होता है। यह सिर्फ प्रशासन और आमजन को गुमराह करने के लिए दी गई शिकायत है। 
 

दो आरोपी गुलशन और ललित को पकड़ा गया था। दोनों विनोद के जानकार हैं। दोनों के माध्यम से ढाई करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई थी। पूछताछ में यह बात सामने आई है। आरोपी विनोद की अग्रिम बेल याचिका पर सुनवाई अब दो मई को होगी। -डीएसपी कमलजीत सिंह, इंचार्ज, एसआईटी, विजिलेंस


उच्चस्तरीय जांच की मांग को मिला जनसमर्थन
नगर परिषद भिवानी में घोटाले के बाद उच्चस्तरीय जांच की मांग को जनसमर्थन मिलने लगा है। चर्चा है कि कमेटी के खातों से अवैध रूप से निकाली गई 14 करोड़ 71 लाख राशि कब तक पुलिस प्रशासन रिकवर करेगी और इसमें संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी कब तक हो जाएगी। जन संघर्ष समिति भिवानी के सदस्य सीबीआई या हाईकोर्ट के जजों की बनी एसआईटी से उच्चस्तरीय न्यायिक निष्पक्ष जांच के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए शहर में नुक्कड़ सभाएं कर रहे हैं। 

समिति से ओमप्रकाश व युवा कल्याण संगठन के संरक्षक कमल प्रधान ने बताया कि उनका उद्देश्य इस घोटाले के सभी आयामों की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच करवाने का है, ताकि जनता से लूटा गया धन वापस कमेटी के खजाने में जमा हो। अवैध कब्जे हटें, दोषी पाए जाने वाले चेहरे जनता के सामने लाकर उन्हें कड़ी सजा मिले। प्रदर्शन में भाग लेने वालों में किसान नेता बलबीर सिंह बजाड़, नरेंद्र घनघस, महाबीर धनाना, ओमप्रकाश दलाल, व्यापार मंडल प्रधान जेपी, कोशिक, युवा कल्यण संगठन के अनिल शेषमा, कर्मचारी नेता रतन जिंदल शामिल थे।

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