हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कार्य में जुटे सरकारी शिक्षक ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। अधिकतर शिक्षक मूल्यांकन केंद्र के बजाय घर ले जाकर उत्तरपुस्तिकाएं जांच रहे हैं। बोर्ड चेयरमैन प्रो. जगबीर सिंह ने बुधवार को रोहतक के वैश्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण किया तो यह खुलासा हुआ।
उन्होंने 10 शिक्षकों को पकड़ा, जो बैग में उत्तरपुस्तिकाएं डालकर घर जा रहे थे। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया है। वहीं, चरखी दादरी पुलिस ने प्रश्नपत्र वायरल करने के दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पांच आरोपियों की पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
निरीक्षण में खुला खेल, अन्य को दी चेतावनी
बोर्ड चेयरमैन प्रो. जगबीर सिंह ने बुधवार को सबसे पहले रोहतक के वैश्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल नजदीक रेलवे स्टेशन में बनाए गए मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण किया। शिक्षक इस मूल्यांकन केंद्र से अपने बैग में उत्तरपुस्तिकाएं डालकर घर ले जा रहे थे। एक पकड़ा गया तो बाकी सबके बैग भी जांचे गए। दस शिक्षकों के बैग में उत्तर पुस्तिकाएं मिलीं, जिनमें महिला शिक्षक भी शामिल थीं। इन शिक्षकों के खिलाफ खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड चेयरमैन ने रोहतक में ही बनाए गए दो और केंद्रों मॉडल स्कूल और सैनिक स्कूल का भी निरीक्षण किया। जांच में जुटे शिक्षकों को उत्तर पुस्तिकाएं घर नहीं ले जाने और जांच बेहतर तरीके से करने के बारे में निर्देश दिए गए।
समय कम हो सकता है
फिलहाल उत्तरपुस्तिकाओं की जांच का कार्य सुबह सात से शाम पांच बजे तक किया जा रहा है। काफी जगह इसे कम कर शाम पांच की बजाय दोपहर बाद तीन बजे तक किया जा सकता है। बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि इस संबंध में अभी तक मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है।
40 की बजाय एक शिक्षक को करनी है 34 उत्तरपुस्तिकाओं की जांच
अब तक एक शिक्षक 30 उत्तरपुस्तिकाओं की जांच करता था। दो साल तक कोरोना संक्रमण के कारण परीक्षाएं नहीं हुई। जिस कारण प्रश्नपत्र के प्रारूप में बदलाव किया गया और सब्जेक्टिव के साथ ऑब्जेक्टिव का विकल्प तैयार किया गया। इस वजह से अबकी बार पहले 40-40 उत्तरपुस्तिकाओं की जांच का जिम्मा सौंपा गया था। कुछ जगह शिक्षकों ने विरोध किया और कहा कि प्रश्नों की संख्या बढ़ गई है, तो कॉपियों की संख्या घटाई जाए। इसके बाद अब प्रति शिक्षक 34 उत्तरपुस्तिकाओं की जांच कराई जा रही है।
जिन शिक्षकों की मूल्यांकन कार्य की ड्यूटी लगी है, उन्हें मूल्यांकन केंद्र में ही उत्तरपुस्तिकाएं जांचनी होती है। रोहतक के वैश्य स्कूल में बनाए गए मूल्यांकन केंद्र से शिक्षक उत्तरपुस्तिकाएं जांचने के लिए घर लेकर जा रहे थे, जिन्हें पकड़ा गया। यह बोर्ड के साथ धोखा है। करीब 10 शिक्षक ऐसे पकड़े गए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है। -प्रो. जगबीर सिंह, चेयरमैन हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड