अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। देवसरिया फाइनेंस सर्विस कम्पनी के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने एसपी के निर्देश पर एक और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। इससे पहले भी फर्जी कंपनी खोलकर धोखाधड़ी करने के केस दर्ज किए जा चुके हैं। मामला मार्च 2015 का है, जिसमें इकोनोमिक सेल द्वारा जांच के बाद रिपोर्ट एसपी को सौंपी गई। एसपी के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस थाना में फर्जी कंपनी संचालक सहित सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव तिगड़ाना निवासी विधवा मधु देवी ने बताया कि उसके घर 23 मार्च 2015 को गांव की ही एक महिला दो अन्य लोगों के साथ आई। जिसने कहा कि उसके पति व ननदोई ने मिलकर एक फाइनेंस कम्पनी खोली है, जिसमें एक साल के अंदर ही मोटा ब्याज देकर राशि वापस दी जा रही है। मधु देवी ने अपनी दो बेटियों की शादी के लिए जमा की गई पूंजी में से सात लाख रुपये कंपनी में जमा करा दिए। जो एक साल बाद परिपक्व होकर 8 लाख 68 हजार हो चुकी थी। जब वह अपने पैसे लेने के लिए कम्पनी के कार्यालय में पहुंची तो पता चला कि यहां कोई कार्यालय ही नहीं हैं, उसे बताया गया कि कंपनी ने कई लोगों को अपने झांसे में लेकर लाखों की चपत लगा चुका है।
पैसे मांगे तो धमकाया गया
इसके बाद पीड़िता ने आरोपियों से संपर्क साधा और उनसे अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें ही डराया धमकाया जाने लगा। उसके बेटे को रेप के झूठे केस में फंसाए जाने और उसकी हत्या कर बोरी में डालकर शव कहीं फेंक देने की धमकी दी गई। इस मामले की शिकायत एसपी को दी गई। एसपी के निर्देश पर जांच इकोनोमिक सेल के पास पहुंची। जिसमें मामला धोखाधड़ी का पाया गया। मधु देवी की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने गांव वेदपाल, उसके बेटे विक्की, मैनेजर रोहताश, अनुराधा, मुकेश, संदीप सहित देवसरिया फाइनेंस कंपनी के अन्य सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी।