गैंगेस्टर टीनू के निशाने पर थे शहर के कई व्यापारी और डॉक्टर
भिवानी। बंगलुरु से साथी के साथ धरे गए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश दीपक उर्फ टीनू के निशाने पर शहर के कई नामी व्यापारी और डॉक्टर थे। यह बात पुलिस रिमांड के दौरान सामने आई है। हालांकि पुलिस ने अभी उन व्यापारी व नामी हस्तियों के नाम उजागर नहीं किए हैं, जो इस गैंग के निशाने पर थे। सीआईए पुलिस द्वारा टीनू की निशानदेही पर उसके अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है।
भिवानी के जैन चौक निवासी दीपक उर्फ टीनू ने पंजाब के कुख्यात अपराधी लॉरेंस बिश्नोई व राजस्थान के नामी गैंगस्टर संपत्त नेहरा के साथ मिलकर सौपा गैंग बनाया हुआ था। टीनू हरियाणा प्रदेश की कमान संभाले हुए था, जबकि पंजाब का जिम्मा लॉरेंस बिश्नोई और राजस्थान में अपराध का सिक्का संपत्त ने जमाया हुआ था।
इसी गैंग ने भिवानी के चिड़िया घर मोड़ के समीप 22 नवंबर को जिम के अंदर बंटी मास्टर का मर्डर करने के बाद उसके कुछ दिन बाद ही खरोलिया मेडिकल हाल पर गोलियां चलाकर दहशत फैलाई थी। इसके बाद भिवानी पुलिस के रडार पर आए दीपक उर्फ टीनू व उसके साथी डेरा बस्सी निवासी दर्शन को बंगलुरू से गिरफ्तार किया गया था। सीआईए पुलिस की स्पेशल पूछताछ में टीनू ने कई राज का खुलासा किया है। पुलिस के सामने उसने कबूल किया कि उसके निशाने पर अब शहर के कई नामी व्यापारी, डॉक्टर व नामी हस्तियां थी। इन से वह रंगदारी लेने की फिराक में था।
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कई नए युवाओं को अपने गैंग में शामिल करने की थी प्लानिंग
टीनू ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह चाहता था कि उसके गैंग में कई नए युवा और शामिल हों, जो उसके वफादार होने के साथ ही निडर हों। इसके लिए कई युवाओं को अपने जाल में फंसा रहा था।
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पूछताछ में टीनू और उसके साथी ने कई खुलासे किए हैं। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस इन मामलों का जल्द ही खुलासा भी करेगी।
रवींद्र कुमार, इंचार्ज सीआईए भिवानी