भिवानी। कोरोना संक्रमण के नए वैरिएंट को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नई रणनीति बनाई है। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना जांच के लिए सैंपलिंग बढ़ाई है, जिसमें पहले से ढाई गुना अधिक सैंपल ले रहे हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में आने वाले प्रत्येक मरीज की कोरोना जांच अनिवार्य कर दी है। ओपीडी जांच से पहले कोराना जांच के लिए सैंपल देना होगा। इसके लिए नागरिक अस्पताल की ओपीडी में कमरा नंबर 27 में कोरोना जांच की व्यवस्था की है।
विभाग ने इसके लिए पांच स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई है। कोरोना की जांच के बाद जब मरीज संबंधित चिकित्सक से चेकअप करवाने जाते हैं तो इससे चिकित्सक व अन्य स्टाफ को भी कोरोना संक्रमण का खतरा नहीं होगा। विभाग की इस रणनीति से कोरोना के मरीज की पहचान के साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा भी होगी।
बुधवार को नागरिक अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक से उपचार करवाने के लिए करीब एक हजार मरीज पहुंचे, इनमें से 600 नए मरीज और 400 मरीज दोबारा स्वास्थ्य की जांच करवाने के लिए आए। इनमें से कुछ मरीजों को चेकअप से पहले कोरोना जांच अनिवार्य होने की सूचना नहीं थी, जिसकी वजह से वे सीधे चिकित्सक कक्ष में प्रवेश करने लगे। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें अस्पताल की नई व्यवस्था के बारे में सूचना दी। इसके बाद मरीजों ने पहले ओपीडी में कोरोना की जांच करवाई और बाद में उन्होंने चिकित्सक से चेकअप करवाया। हालांकि बुधवार को ओपीडी में हुई कोरोना जांच में सभी मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
फिजिशियन कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़
बुधवार को नागरिक अस्पताल की ओपीडी में सबसे अधिक फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी। फिजिशियन से उपचार के लिए बुधवार को करीब 220 मरीज चेकअप करवाने के लिए पहुंचे। इनमें से अधिकतर मरीज बुखार, खांसी, जुकाम और सिरदर्द से ग्रस्त थे। मरीजों को चिकित्सक ने दवा के साथ ही सावधानी रखने का परामर्श दिया। साथ ही मरीजों को परामर्श दिया कि कोरोना की आशंका होने पर जांच जरूर करवाएं, ताकि समय पर उपचार मिल सके।
24 घंटे जांच की सुविधा
नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मरीजों के सैंपल लेने की व्यवस्था हुई है, जिसके लिए पांच स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी तय की है। अस्पताल की ओपीडी में सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक सैंपल की सुविधा है। आमजन से अपील है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन करें और समय पर वैक्सीन के दोनों डोज लगवाएं। अगर किसी मरीजों को कोरोना संक्रमण की आशंका हो तो वह अस्पताल पहुंच कर जांच करवा सकते है। फ्लू कॉर्नर में 24 घंटे सैंपल की सुविधा है।
- डॉ. मंजू कादियान, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।