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नगर परिषद घोटाला : अमरूत सिक्योरिटी खाते की चेक बुक जारी हुई न लेनदेन का प्रावधान, फिर भी निकाले आठ करोड़

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रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। नगर परिषद में हुए घोटाले के हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। घोटाले का आलम यह रहा कि अमरूत सिक्योरिटी खाते तक को नहीं बख्शा गया। नियमानुसार अमरूत सिक्योरिटी खाते की न चेक बुक जारी हुई और न ही इसमें लेनदेन का प्रावधान है। इसके बावजूद खाते से आठ करोड़ से ज्यादा की राशि विभिन्न फर्मों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। लाखों रुपये विशाल ट्रेडर्स, एमके ओवरसीज, प्रसव, कनक ट्रेडर्स में ट्रांसफर किए गए हैं।
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वहीं पुलिस ने वीरवार को इस मामले में गिरफ्तार बैंक मैनेजर नितेश को दो दिन के रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया और उसे दोबारा पांच दिन के रिमांड पर लिया। नितेश ने काफी खुलासे किए हैं और पुलिस अब इन खुलासों के आधार पर तथ्य जुटाने में जुटी है।
नगर परिषद में उठे घोटाले की राशि भी लगातार बढ़ती जा रही है। अब अमरूत योजना के तहत खोले सिक्योरिटी खाते में ही करोड़ों का गबन सामने आया है। यह खाता नंबर है 919010052516924 है। नियमानुसार यह सिक्योरिटी खाता है और इसके लिए कोई चेक बुक आधारिक तौर पर जारी नहीं की गई है। इस खाते से रुपये निकालने का कोई प्रावधान नहीं है। बावजूद इसके इस खाते से 10 जून 2020 से एक नवंबर 2021 तक लगातार रुपये निकाले गए।
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पहले निकाली राशि, ईओ विवाद में वापस जमा, बाद में फिर निकाले
अमरूत योजना के अमरूत सिक्योरिटी खाते में 10 जून 2020 को एक करोड़ 34 लाख 13864 रुपये आए थे। इसके बाद इसी दिन एमके ओवरसीज के खाते में 35 लाख 41 हजार, कनक ट्रेडर्स में 34 लाख 58 हजार 900 रुपये ट्रांसफर हुए। इसके बाद 11 जून को प्रसव/कोटक के खाते में 37 लाख 84 हजार 890 रुपये, 11 जून को ही विशाल/कोटक के खाते में 26 लाख 28 हजार 974 रुपये ट्रांसफर हुए। इसी दौरान नगर परिषद में तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी के साथ विवाद हुआ। इसके बाद विशाल ट्रेडर्स की ओर से एक जुलाई 2020 में 19.50 लाख और छह लाख 78 हजार 974 रुपये इस खाते में जमा करवाए गए। दो जुलाई 2020 को विशाल ट्रेडर्स की ओर से 16.70 लाख, तीन जुलाई को 9.90 लाख, 10 लाख और इसी दिन 25 लाख रुपये जमा कराये गए। चार जुलाई 2020 को एमके ओवरसीज की ओर से 9.20 लाख, 9.14 लाख रुपये और विशाल ट्रेडर्स की ओर से 15 लाख रुपये की राशि जमा करवाई गई। विशाल ट्रेडर्स की ओर से ही चार जुलाई को 12.90 लाख रुपये जमा कराये गए।इसके बाद खाते में फिर से 1.34 करोड़ की राशि हो गई। 17 जुलाई 2020 यह 1.34 करोड़ की राशि निकाल ली गई। इसके बाद 2.79 करोड़ की राशि 12 अक्तूबर 2020 को आई। जिसे भी खाते से निकाल लिया गया।
अमरूत खाते से कब कितने रुपये निकाले और जमा करवाए गए।
तिथि फर्म जमा हुई राशि खाते से ट्रांसफर हुई राशि
10 जून 2020 13413864 रुपये
10 जून 2020 एमके ओवरसिज -- 3541100 रुपये
10 जून 2020 कनक ट्रेडर्स -- 3458900 रुपये
11 जून 2020 प्रसव/कोटक -- 3784890 रुपये
11 जून 2020 विशाल/कोटक --- 2628974 रुपये
01 जुलाई 2020 विशाल ट्रेडर्स 19.50 लाख रुपये ---
01 जुलाई 2020 विशाल ट्रेडर्स 678 974 रुपये ---
02 जुलाई 2020 विशाल ट्रेडर्स 16.70 लाख रुपये ---
03 जुलाई 2020 विशाल ट्रेडर्स 9.90 लाख ---
03 जुलाई 2020 विशाल ट्रेडर्स 10 लाख ---
03 जुलाई 2020 विशाल ट्रेडर्स 25 लाख रुपये ---
04 जुलाई 2020 एमके ओवरसिज 9.20 लाख ---
04 जुलाई 2020 एमके ओवरसिज 9.14 लाख रुपये ---
04 जुलाई 2020 विशाल ट्रेडर्स 15 लाख रुपये ---
04 जुलाई 2020 विशाल ट्रेडर्स 12.90 लाख रुपये ---
12 अक्तूबर 2020 27969142 ---
16 अक्तूबर 2020 सीईई/एएआर जीएल ---- 4713700 रुपये
16 अक्तूबर 2020 सीईई/एएआर जीएल ---- 5286300 रुपये
16 अक्तूबर 2020 सीईई एएआर जीएल --- 2000000 रुपये
16 अक्तूबर 2020 विशाल --- 6134600 रुपये
19 अक्तूबर 2020 विशाल ट्रेडर्स --- 5842365 रुपये
19 अक्तूबर 2020 एमके ओवरसिज --- 4009500 रुपये
15 जनवरी 2021 3962472 रुपये ---
03 अप्रैल 2021 आरके ट्रेडर्स --- 3995535 रुपये
03 अप्रैल 2021 आरके ट्रेडर्स 3995535 रुपये ---
03 अप्रैल 2021 आरके ट्रेडर्स ----- 4000535 रुपये
05 अप्रैल 2021 1815361 रुपये ----
05 अप्रैल 2021 2546112 रुपये ----
06 अप्रैल 2021 आरके ट्रेडर्स 4299465
08 जून 2021 4215100 रुपये ---
09 जून 2021 आरके ट्रेडर्स --- 4277408
07 अगस्त 2021 1356870 रुपये ----
15 सितंबर 2021 2126917 रुपये ---
16 सितंबर 2021 माधव --- 3485477 रुपये
08 अक्तूबर 2021 1297231 रुपये ---
01 नवंबर 2021 --- 300000 रुपये
दो दिन के रिमांड के बाद फिर पांच दिन का रिमांड
करोड़ों के घोटाले के मामले में गिरफ्तार बैंक मैनेजर नितेश को दो दिन के पुलिस रिमांड के बाद इकनॉमिक सेल की ओर से वीरवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान उनसे खातों के हेरफेर के अलावा उनके पास आई राशि बरामद करने का प्रयास किया जाएगा।
सिर्फ चेयरमैन, ईओ व सचिव के ही हस्ताक्षर से निकल सकती है राशि
सामाजिक कार्यकर्ता सुशील वर्मा ने कहा कि बड़े स्तर पर नगर परिषद में घोटाला हुआ है और इसकी शिकायत सुबूतों के साथ पुलिस अधीक्षक को दी है। खाते से राशि निकाले या ट्रांसफर, चेक पर सिर्फ चेयरमैन, अधिकारियों में कार्यकारी अधिकारी और सचिव के ही हस्ताक्षर चलते हैं। नप में सेविंग अकाउंट खोले गए। इसके अलावा अमरूत सिक्योरिटी खाते में नियमानुसार कोई लेनदेन नहीं होता। बावजूद इसके लेनदेन कर करीब आठ करोड़ की राशि इधर-उधर की गई है।
सभी एंगल से हो रही जांच
मामले में सभी एंगल से जांच की जा रही है। जिन फर्मों के नाम राशि ट्रांसफर की गई है, उनकी जांच की जा रही है कि किसके है। उनसे पूछताछ की जाएगी। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
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-अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक।
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