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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने नगर परिषद से दो दिन में मांगा रिकॉर्ड

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रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। भिवानी नगर परिषद के भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़झाले की आशंका और भी अधिक गहरा गई है। इस प्रकरण में जिला उपायुक्त भी संबंधित अधिकारियों को जांच के आदेश दे चुके हैं। वहीं शिकायत के बाद इस प्रकरण में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक के डीएसपी कार्यालय ने भी कड़ा संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता कार्यालय के निरीक्षक ने नगर परिषद अधिकारियों को पत्र लिखकर नप भूमि रिकार्ड से जुड़े पांच सवालों के जवाब मांगे हैं।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक कार्यालय ने नप अधिकारियों का दो दिन के अंदर जवाब दिए जाने के भी निर्देश दिए हैं। नप रिकॉर्ड से जुड़ी जांच मुख्यमंत्री उड़नदस्ते द्वारा भी की जा रही है। इसी को लेकर नप भूमि के रिकॉर्ड में हेराफेरी और रिकार्ड से छेड़छाड़ करने वालों में भी हड़कंप मचा है।
भिवानी नगर परिषद के भूमि रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ कर निजी लोगों को सरकारी जमीन नियमों को ताक पर रखकर बेचे जाने का मामला कुछ दिन पहले सामने आया था। इस प्रकरण में नप चेयरमैन ने भी उपायुक्त को लिखित शिकायत दी थी, जिसके बाद उपायुक्त ने नगर परिषद अधिकारियों से भी भूमि से जुड़ा रिकॉर्ड तलब किया था और इसकी जांच के लिए अधिकारियों की भी कमेटी बनाई थी। फिलहाल प्रशासन की ये कमेटी जांच में जुटी ही थी कि इसी दौरान इस प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के समक्ष भी पहुंच गई। जिसके बाद भूमि रिकॉर्ड में हेराफेरी करने वालों में भी खलबली मच गई और मामले की गंभीरता को भांपते हुए सीएम उड़नदस्ते ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी। इसी जांच को लेकर शिकायत और नप के भूमि रिकॉर्ड में दर्ज नामों को लेकर उड़नदस्ते ने नगर परिषद अधिकारियों से रिकॉर्ड तलब किया है।
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ये पूछे गए हैं नप अधिकारियों से पांच सवाल
-नगर परिषद की कुल कितनी दुकानें हैं।
- कितनी दुकानों को किराये पर दिया गया है और कितनी दुकानें लीज पर हैं।
- कितनी दुकानों के कोर्ट केस विचाराधीन हैं।
- नगर परिषद के पास कुल कितनी जमीन है।
- नगर परिषद भिवानी की कितनी जमीन पर अवैध कब्जे हैं।
1980 से लेकर अब तक करोड़ों की भूमि में गड़बड़ी के आरोप
नगर परिषद में 1980 से लेकर अब तक करोड़ों रुपयों की भूमि को प्राइवेट लोगों को बेचे जाने व नियमों को ताक पर रखकर दुकानें दिए जाने के गंभीर आरोप हैं। नगर परिषद की बेशकीमती जमीनों पर भी अवैध कब्जे मिलीभगत से हुए हैं। जिनमें कई कर्मचारियों व अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। नगर परिषद की कई रिहायशी कॉलोनी व कमर्शियल जगहों पर भी भारी अनियमितताएं व गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।
दो दिन में रिकॉर्ड नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई
नगर परिषद में लोगों की जमीन के रिकॉर्ड संबंधी कई शिकायतें मिल रही हैं। उन्हीं के संबंध में भिवानी नगर परिषद से जानकारी मांगी गई है। यह जानकारी नगर परिषद को दो दिन में उपलब्ध करानी होगी। अगर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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- सतपाल रोहटिया, इंस्पेक्टर, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, रोहतक।
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