भिवानी। शहर का चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल सेंट्रल पार्क इन दिनों बदहाली के दौर से गुजर रहा है। एक ओर जहां हरियाली पर परजीवी पौधों का साया मंडरा रहा है वहीं दूसरी ओर फव्वारों में गंदगी व चोरी की गई नोजलों के कारण अव्यवस्था साफ दिखाई दे रही है। पार्क की सुंदरता और स्वच्छता के लिए कभी लगाया गया सिटी आर्ट कॉर्नर अब वीरान नजर आता है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने पार्क की मरम्मत व सौंदर्यीकरण के लिए 70 लाख रुपये की डीएनआईटी (विस्तृत निविदा आमंत्रण सूचना) मुख्यालय को भेजी है मगर मंजूरी अब तक नहीं मिल पाई।
पार्क की ग्रीन बेल्ट में पौधों पर परजीवी बेलों ने इस कदर कब्जा जमा लिया है कि उनका अस्तित्व खतरे में है। परजीवी पौधे मुख्य पौधों से ही पोषण लेकर उन्हें धीरे-धीरे समाप्त कर देते हैं। पार्क की देखरेख का जिम्मा बागवानी प्रकोष्ठ का है लेकिन बागवानी विंग की निष्क्रियता के चलते पौधों की हालत खराब है। कभी यहां सुबह-शाम लगभग डेढ़ हजार लोग भ्रमण के लिए आते थे, मगर अब इनकी संख्या घटकर मुश्किल से 250 रह गई है। फव्वारों के होद में महीनों से जमा गंदगी में मच्छर पनप रहे हैं और बारिश के बाद फिसलन ने खतरा और बढ़ा दिया है। चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल सेंट्रल पार्क शहर का बड़ा पार्क है।
झूलों से दूर भाग रहे बच्चे
पार्क में बच्चों के लिए लगाए गए झूले और ओपन जिम की हालत भी खस्ता है। कहीं लोहे की ऐंगल उखड़ी हुई है तो कहीं झूलों के ऊपर का हिस्सा ही गायब है। बच्चों के झूलने पर चोटिल होने का खतरा बना हुआ है। कई झूलों का सामान चोरी हो चुका है, जिससे अभिभावक बच्चों को इनसे दूर ही रख रहे हैं।
बारिश में जलभराव, पार्किंग बनी तालाब
पार्क की जमीन समतल नहीं बनाई गई जिसके चलते निचले हिस्सों में बारिश के बाद जलभराव हो जाता है। पानी की निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। पार्किंग स्थल की हालत भी दयनीय है। टूटी सड़कों, कीचड़ व गहरे गड्ढों में वाहन फंसते हैं। पैदल चलने वाले लोग पिछले हिस्से से पार्क में प्रवेश तक नहीं कर पा रहे।
चौधरी सुरेंद्र सिंह मेमोरियल सेंट्रल पार्क की मरम्मत व फव्वारों के नवीनीकरण के लिए 70 लाख रुपये की डीएनआईटी मुख्यालय को भेजी गई है। हमें उम्मीद है कि 10 दिनों में मंजूरी मिल जाएगी। होर्टिकल्चर विंग पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी निभा रही है। – भूपेंद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, भिवानी।