वहीं, वे वर्ष 1967 के बाद विधानसभा में चुनकर जाने वाले सातवें विधायक बने हैं। उनसे पहले वर्ष 1967, 77, 82, 87 में हीरानंद (कांग्रेस, जनता पार्टी, लोकदल), 1972, 91 में चंद्रावती देवी (कांग्रेस व जनता दल), 1996, 2005 में सोमवीर सिंह (हरियाणा विकास पार्टी व कांग्रेस) के अलावा वर्ष 2009 में धर्मपाल ओबरा (इनेलो), 2014 में ओमप्रकाश बड़वा (इनेलो) विधायक बने थे।
अब वर्ष 2019 के हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के जेपी दलाल कांग्रेस के सोमवीर सिंह को 18000 मतों से पराजित कर विधानसभा पहुंचे हैं। उनको पहली बार में विधायक बनने व पहले ही मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री पद मिला है।
जेई की नौकरी छोड़ अपनाई राजनीति, पहली बार जीत बने केबिनेट मंत्री : पूर्व कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह के बेहद नजदीकी दोस्त रहे जेपी दलाल ने पूर्व मंत्री के कहने पर ही जेई की नौकरी छोड़ राजनीति में कदम रखा। वे सुरेंद्र सिंह के इतने नजदीकी थे कि हरियाणा विकास पार्टी में उनका अहम रोल रहा।
राजनीतिक करियर की शुरूआत 2009 के चुनाव से हुई जब उन्होंने बतौर निर्दलीय लोहारू से चुनाव लड़ा। यहां उन्हें हार झेलनी पड़ी। फिर भाजपा का दामन थामा और 2014 का चुनाव भाजपा उम्मीदवार के रूप में लड़ा। यहां भी किस्मत ने साथ नहीं दिया और मामूली अंतर से हार हुई।
बावजूद इसके हौंसला नहीं छोड़ा। इस दौरान वे भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए। 2019 में भाजपा की सीट पर ही चुनाव लड़ा और 18 हजार मतों से जीत हासिल की। विधानसभा चुनाव में पहली जीत के साथ ही कैबिनेट मंत्री बने।
नाम : जयप्रकाश दलाल
शिक्षा : बीए और डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियर