भिवानी के एनएसएस शिविर में अतिथि कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी को सम्मानित करते प्राचार्य डॉ. स
भिवानी। वैश्य महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएनएस) इकाई-एक की ओर से हनुमान ढाणी स्थित हनुमान जोहड़ी धाम में यूथ फॉर माई भारत और डिजिटल लिटरेसी विषय पर सात दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने इसका शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक राष्ट्र एवं समाज के सच्चे प्रहरी हैं। स्वयंसेवकों का राष्ट्र एवं समाज के विकास में बड़ा योगदान है। किसी भी संस्थान की जान उनके विद्यार्थी होते हैं।
प्रो. दीप्ति ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है। एनएनएस स्वयंसेवक इस एकता शिविर से देश की अखंडता को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश लेकर जाएं। प्राचार्य डाॅ. संजय गोयल ने कहा कि इस तरह के शिविर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं उनके सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं।
विशिष्ट अतिथि रहे वैश्य महाविद्यालय प्रबंधक समिति के महासचिव डॉ. पवन बुवानीवाला ने कहा कि एनएसएस के नाम की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब स्वयंसेवक मानवता के कल्याण हेतु निस्वार्थ भाव से कार्य करें। सायंकालीन सत्र में वैश्य महाविद्यालय के स्वपोषित विभाग की डायरेक्टर डॉ. प्रोमिला सुहाग मुख्य वक्ता रहीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सेवा सच्ची सेवा है।
डॉ. कामना कौशिक ने बताया कि यह शिविर 24 फरवरी तक चलेगा। इसमें मंगलवार को हवन, यज्ञ, सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। मानसिक तनाव विषय पर विस्तार व्याख्यान हुआ। 19 फरवरी को नेत्र जांच शिविर, 20 को स्लोगन, 21 को पोस्टर प्रतियोगिता, 22 फरवरी को नृत्य प्रतियोगिता, 23 फरवरी को निबंध लेखन प्रतियोगिता होगी। हनुमान जोहड़ी धाम के महंत चरणदास विशिष्ट अतिथि रहे। शिविर में स्वयंसेवकों समेत कार्यालय अधीक्षक कमल भारद्वाज, प्रेस प्रवक्ता ललित शर्मा, अमित राठौड़, सिंधु आदि मौजूद रहे।