स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फरवरी में फिर संदीप से संपर्क साधा तो उसने 50 हजार रुपये फिर खाते में डलवाने के लिए कहा। चार फरवरी को उसके खाते में 50 हजार रुपये डलवाए गए। जिसके बाद उसने डिकॉय गर्भवती महिला को भ्रूण लिंग जांच के लिए भिवानी बुलाया।
सुबह से ही अलर्ट रही तीन जिलों की स्वास्थ्य विभाग टीम
डिकॉय के साथ ही स्वास्थ्य विभाग रोहतक, सोनीपत की संयुक्त टीम भी सुबह करीब नौ बजे ही भिवानी पहुंच गई थी। सूचना के बाद भिवानी सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया। दलाल संदीप ने डिकॉय गर्भवती महिला को महम गेट पर बुलाया।
यहां के बाद गर्भवती महिला की एक निजी अस्पताल में रेफर स्लिप बनवाई और सुबह करीब 11 बजे महम रोड स्थित एक प्राइवेट लैब पर गर्भवती महिला का सामान्य अल्ट्रासाउंड करवाया। दलाल संदीप ने डिकॉय को दोपहर दो बजे भ्रूण लिंग जांच की रिपोर्ट देने के लिए कहा। इसके बाद वह विद्यानगर में अपने रिश्तेदार के घर चला गया।
दो बजे वापस आने के बाद दलाल संदीप ने डिकॉय को बताया कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में लड़की आई है। इसी दौरान पहले से ही उस पर नजर लगाए बैठी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया। बताया जाता है कि संदीप चरखी दादरी जिले के गांव बिगोवा का रहने वाला है और स्वयं को लैब टेक्निशियन बताया।
ये रहे टीम में शामिल: स्वास्थ्य विभाग की तीन जिलों की संयुक्त टीम में सोनीपत जिले से डॉ. आदर्श शर्मा, डॉ. शुभम गहलावत, रोहतक से डा. विकास, डॉ. विशाल, डॉ. विजय, नीरज, जोगेंद्र सैनी, भिवानी से डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार, जिला औषधि नियंत्रक डॉ. हेमंत ग्रोवर, प्रदीप शामिल रहे।
लड़का हो या लड़की, सिर्फ लड़की बता करवा रहे गर्भपात: दलालों ने अब स्वास्थ्य विभाग से बचने का नया खेल शुरू किया है। इसमें गर्भवती महिला के परिवार से रुपये ऐंठे जाते हैं और बिना भ्रूण लिंग जांच करवाए ही अपनी ओर से बता दिया जाता है कि लड़की है। ऐसे में गर्भ में चाहे लड़का हो या लड़की, उसका गर्भपात करवा दिया जाता है। इसमें भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात दोनों के नाम पर रुपये ऐंठे जाते हैं। ऐसा बुधवार को सामने आए मामले के अलावा भिवानी टीम द्वारा रेवाड़ी में कुछ वर्ष पूर्व पकड़े गए मामले में भी सामने आया था।
गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। गुप्त सूचना के बाद ही रोहतक, सोनीपत की संयुक्त टीम के साथ भिवानी की टीम तैयार कर अलर्ट किया गया था। जिले में भ्रूण लिंग जांच किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी जांच अभियान चलते रहेंगे। - डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन