जाट आरक्षण संघर्ष समिति का 72 घंटे का अल्टीमेट पूरा होने के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। बीएसएफ,आरएएफ ने लगातार दूसरे दिन जिले में फ्लैग मार्च किया। शहर के मुख्य स्थानों पर भी चौकसी बढ़ाई गई। सीएम के साथ समिति प्रतिनिधियों की बैठक पर सबकी निगाहें टिकी थी और बैठक पॉजीटिव रहने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पिछले दिनों काफी तोड़फोड़ हुई। जिसमें भारी नुकसान हुआ। पेट्रोल पंप, बैंक, रोडवेज बसें जला दी गई। उपद्रवियों पर मुकदमे दर्ज हुए। पिछले दिनों जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने लघु सचिवालय के बाहर रोष प्रदर्शन के बाद चेतावनी दी थी कि 72 घंटे में उनकी सात मांगे बीसी कैटेगरी में आरक्षण, तोड़फोड़ व आगजनी की हाईकोर्ट जज से जांच, जांच नहीं होने तक गिरफ्तारियों पर रोक, पीड़ितों मुआवजा आदि नहीं मानी गई तो फिर से धरने शुरू किए जाएंगे। 72 घंटे समाप्त होने के बाद फिर से दंगे न भड़के इसके लिए पुलिस प्रशासन पहले ही अलर्ट नजर आया। एडीजीपी समेत पुलिस चारा पुलिस अधिकारियों को भिवानी भेजा गया। आरएएफ व बीएसएफ फोर्स को भी भिवानी भेजा गया है। शुक्रवार को फोर्स ने शहर में फ्लैग मार्च किया और फिर लोहारू क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया।
प्रतिमाओं की सुरक्षा बढ़ाई
दंगों के दौरान सराय चौपटा और दिनोद गांव में पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल की प्रतिमा को खंडित किया गया। इसी सप्ताह सेक्टर 13 मोड़ पर सेठ छाजूराम की प्रतिमा तोड़ दी गई। प्रतिमा तोड़े जाने से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने अब प्रतिमा की भी सुरक्षा बढ़ा दी है। शहर के हुडा पार्क, जल संरक्षण पार्क, देवीलाल चौक समेत अनेक जगह प्रतिमाओं की सुरक्षा में दो-दो पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। ताकि कोई भी इन्हें न तोड़ सके।
21 सदस्यीय कमेटी रखेगी माहौल पर नजर
मुख्यमंत्री से जाट आरक्षण मसले पर मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष व राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य शेर सिंह रतेरा ने बताया कि मुख्यमंत्री से बातचीत सकारात्मक रही। आरक्षण बिल में कुछ त्रुटियां थी, जिन्हें ठीक करने के लिए कमेटी बनाई गई है। इसमें संघर्ष समिति के सदस्य भी शामिल रहेंगे। मुख्यमंत्री ने जिलास्तर पर 21 सदस्यीय कमेटी नियुक्त करने के लिए कहां है जो मसले पर डीसी, एसपी से संवाद रखेगी।